बिल्ड यॉर ड्रीम्स वाली कंपनी बीवाईडी पांच साल में 4.30 लाख से 55 लाख यूनिट्स के लेवल तक पहुंच चुकी है। अगले पांच साल में कंपनी का टार्गेट 1 करोड़ यूनिट्स के लेवल को छूने का है। यदि यह हो जाता है तो टोयोटा और बीवाईडी आमने-सामने आ खड़ी होंगी। बीवाईडी के चेयरमैन वांग चुआनफू ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि कंपनी अगले पांच वर्ष में दुनिया की सबसे बड़ी ऑटो मेकर बन जाएगी। उन्होंने यह बयान ऐसे समय दिया है जब कंपनी भयंकर क्राइसिस में फंसी है और शेयरों में तेज गिरावट आई है। चीन के मार्केट में बीवाईडी गलाकाट प्राइस कंपीटिशन में फंसी है और लगातार आठ महीने तक इसकी सेल्स में गिरावट आई थी। बीवाईडी वर्ष 2025 में 46 लाख यूनिट्स का सेल्स वॉल्यूम जेनरेट कर दुनिया की छठी सबसे बड़ी ऑटोमेकर बन गई थी। वित्त वर्ष 26 की समाप्ति बीवाईडी ने अमूमन 55 लाख यूनिट्स के साथ की है। पिछले एक साल में बीवाईडी घरेलू बाजार में अपनी ग्रोथ रेट बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। हांगकांग में बीवाईडी के शेयर पिछले एक साल में अपने पीक लेवल से 45 परसेंट से भी ज्यादा गिर चुके हैं, जबकि शेनझेन में लिस्टेड कंपनी के शेयरों में लगभग 33 परसेंट की गिरावट आई है। शेनझेन स्थित कंपनी के मुख्यालय में हुई वार्षिक शेयरधारक बैठक में वांग चुआनफू ने लगभग 1 हजार शेयरधारकों को संबोधित किया। उन्होंने इस साल कंपनी के विकास में सबसे बड़ी बाधा मानी जा रही सैकंड जेनरेशन ब्लेड बैटर का उत्पादन तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया। वांग ने कहा, बीवाईडी पांच वर्ष में ग्लोबल लेवल पर प्रोडक्शन और स्केल के लिहाज से नंबर-1 ऑटोमेकर बन जाएगी। वांग के अनुसार आने वाले सालों में बीवाईडी का एक्सपोर्ट बहुत तेजी से बढ़ेगा और इस दौरान कंपनी टेक्नोलॉजी के लेवल पर भी बड़ी ग्रोथ करेगी। बैटरी टेक्नोलॉजी और फास्ट चार्जिंग क्षमता में सुधार से कंपनी को चीन के डोमेस्टिक मार्केट के साथ-साथ इंटरनेशनल मार्केट में भी आगे बढऩे में मदद मिलेगी। दुनिया की नंबर-1 ऑटोमेकर बनने के लिए बीवाईडी को टोयोटा मोटर को पछाडऩा होगा। टोयोटा ने 2025 में 1.10 करोड़ गाडिय़ां बेची हैं जो बीवाईडी से दोगुने से भी ज्यादा हैं। हालांकि आसियान और खाड़ी के मार्केट देशों में चीनी कार कंपनियों ने इस साल तेज ग्रोथ दर्ज की है जिससे टोयोटा पर प्रेशर है। चीन पैसेंजर कार एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, बीवाईडी के एक्सपोर्ट में जनवरी से मई के बीच पिछले साल की तुलना में 65 परसेंट की ग्रोथ हुई है। ब्राजील, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया कंपनी के सबसे बड़े एक्सपोर्ट मार्केट हैं। हालांकि यूएस में चीनी ईवी कंपनियों की एंट्री पर बैन है। दूसरी ओर ईयू के चाइनीज ईवी पर 45 परसेंट इंपोर्ट ड्यूटी लगा देने के बावजूद यहां कंपनी ने 2025 की क्लोजिंग 1.87 लाख यूनिट्स की सेल्स के साथ की। एक्सपर्ट कहते हैं कि एक्सपोर्ट ग्रोथ डोमेस्टिक सेल्स में आ रही गिरावट की भरपाई नहीं कर पा रहा है। जनवरी से मई के दौरान बीवाईडी की कुल सेल्स में 20 परसेंट से ज्यादा की गिरावट आई।
