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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi
‘‘दृष्टव्य है कि क्रोध से भ्रम पैदा होता है और भम्र से बुद्धि व्यग्र होती है जो मनुष्य के पतन का कारण है।’’
I hate housework! you make the bed, you do the dishes--and six month later you have to start all over again.
हम जिस Free and Market Economy से पैदा होने वाले Human Freedom and Freedom of Capital के दौर में प्रवेश कर आगे बढ़ रहे हैं उसे हम कंज्यूमर के पास...
एक व्यक्ति की प्रगति इस बात पर बहुत कुछ निर्भर करती है कि वह सोचता क्या है। उसके सोचने का तरीका कैसा है। वह किन लोगों के साथ उठता-बैठता है तथा उसका भोजन...
विकास के नये दौर को हम जिस तरह Labour v/s Leisure (परिश्रम के स्थान पर आराम) इकोनॉमी और उससे पैदा होने वाली बेरोजगारी बढ़ाने वाली समाज व्यवस्था के नाम से...
जब कोई देश Global Capitalist System की व्यवस्था को अपना लेता है तो वहां पूंजी प्रधान ऐसे अनेक घटनाक्रम घटित होते चले जाते हैं जो दिखने में व्यक्ति की सफलता......
जब कोई देश Creative के स्थान पर Distributive Capitalism या जो रुपैया जमा है उसे ही नहीं वरन अप्रत्याशित उधार लेकर विकास करने की प्रक्रिया को अपनाते हुए गति......