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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi
हमारे देश की वित्तमंत्री एवं सेबी प्रमुख अपने उद्बोधन में अनेक बार यह कहते रहे हैं कि हमे वित्तीय सिस्टम में Debt Market का विस्तार करते हुए उसे आम निवेशक की......
धरती पर दानवीरों की न पहले कमी थी न आज है। पहले भी लोग दिल खोलकर दान करते थे आज भी करते हैं। जीवन में दूसरों को कुछ देने से ही कर्म की प्रक्रिया पूरी होती है।...
विकास के नये दौर को हम जिस तरह Labour v/s Leisure (परिश्रम के स्थान पर आराम) इकोनॉमी और उससे पैदा होने वाली बेरोजगारी बढ़ाने वाली समाज व्यवस्था के नाम से...
जब कोई देश Global Capitalist System की व्यवस्था को अपना लेता है तो वहां पूंजी प्रधान ऐसे अनेक घटनाक्रम घटित होते चले जाते हैं जो दिखने में व्यक्ति की सफलता......
जब कोई देश Creative के स्थान पर Distributive Capitalism या जो रुपैया जमा है उसे ही नहीं वरन अप्रत्याशित उधार लेकर विकास करने की प्रक्रिया को अपनाते हुए गति......