भारत सरकार ने नई इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम लॉन्च होने के कुछ ही दिनों के भीतर एमएसएमई सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए लगभग 25 हजार करोड़ के एमरजेंस लोन मंजूर कर दिए हैं। स्कीम शुरू होने के केवल एक सप्ताह के अंदर करीब 20 हजार एमएसएमई लोन आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। सरकार ने यह स्कीम उन कंपनियों और व्यवसायों को तत्काल लिक्विडिटी सपोर्ट देने के उद्देश्य से शुरू की है जो वित्तीय दबाव या नकदी संकट का सामना कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अब तक स्वीकृत सभी आवेदन एमएसएमई से जुड़े हैं, जबकि एविएशन सेक्टर से अभी कोई मंजूरी नहीं दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एमएसएमई सेक्टर में इतनी तेजी से लोन डिमांड बढऩा इस बात का संकेत हो सकता है कि अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों में वित्तीय दबाव उभर रहा है। सरकार ने हाल में एमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी का नया फ्रेमवर्क पेश किया था। इस योजना के तहत सरकार गारंटी सपोर्ट देती है, जिससे बैंकों का जोखिम कम होता है और व्यवसायों को अपेक्षाकृत आसान शर्तों पर लोन मिल पाता है। यह स्कीम पहली बार कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई थी।