भारत के पीवी मार्केट में टॉप 5 की ही धाक है। बाकी अमूमन दस कंपनियां ...मी टू...(मैं भी) की दौड़ में है। लेकिन कई ग्लोबल ऑटो मेकर और नए प्लेयर भारत के ऑटो एरिना में नया दांव लगाना चाहते हैं और इसके लिए बड़े इंवेस्टमेंट और प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी पर काम कर रहे हैं। मई 2026 में मारुति, टाटा, महिन्द्रा और ह्यूंदे का शेयर 80 परसेंट के करीब रहा। इसका सीधा मतलब है कि मोनोपॉली या डुओपॉली ना सही लेकिन डेमोक्रेटिक इंडिया के ऑटो मार्केट में ओलिगोपॉली (इलीट रूल) चल रहा है। इसके बावजूद टोयोटा, होंडा, रेनो, निसान, फोक्सवैगन, स्कोडा, स्टेलांटिस, एमजी और जेएसडब्ल्यू मोटर भारत में नए प्लांट, लोकल प्रोडक्ट डवलपमेंट, एसयूवी, हाइब्रिड और ईवी के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इन कंपनियों में टोयोटा भारत पर सबसे बड़ा और लॉन्गटर्म दांव लगाने वालों में शामिल है। ग्लोबल दिग्गज टोयोटा बिडकिन इंडस्ट्रियल एरिया में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लंाट लगा रही है। इस प्लांट के 2029 की पहली छमाही में शुरू होने की उम्मीद है जिसकी पहले फे•ा में प्रोडक्शन कैपेसिटी 1 लाख यूनिट्स की होगी। इस प्लांट में बनी गाडिय़ों को इंडिया और ग्लोबल मार्केट दोनों में बेचा जाएगा। कंपनी एक स्ट्रॉन्ग ऑफ-रोड एसयूवी पर काम कर रही है जो टोयोटा लैंड क्रूजर एफजे प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी। इसके अलावा टोयोटा और मारुति सुजुकी इंडिया सेंट्रिक प्रोडक्ट्स पर सहयोग बढ़ाते हुए वाईएमसी प्रोजेक्ट पर आधारित थ्री-रो एमपीवी भी डवलप कर रही हैं। अधिकांश कंपनियों के अपकमिंग मॉडलों में भारत के सबसे तेज ग्रोथ वाले यूवी सैगमेंट का सबसे बड़ा शेयर होगा। रेनो और निसान नई पीढ़ी की गाडिय़ों के साथ बाजार में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। इनमें हाइब्रिड डस्टर, 3-रो वेरिएंट, कॉम्पैक्ट एसयूवी और भारत में विकसित इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। वहीं फोक्सवैगन और स्कोडा अपनी सेडान रेंज को अपडेट करने के साथ-साथ स्कोडा काइलैक प्लेटफॉर्म पर आधारित एक नई फोक्सवैगन कॉम्पैक्ट एसयूवी डवलप कर रहे हैं। जर्मन ग्रुप भारत के लिए खास ईवी की संभावनाओं पर भी काम कर रहा है। होंडा अपने मौजूदा पोर्टफोलियो से आगे बढ़ते हुए इंपोर्टेड •ाीआर-वी एसयूवी, भारत में डवलप फुल इलेक्ट्रिक एसयूवी और 2028 तक दो अन्य एसयूवी मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कंपनी वित्त वर्ष 2027 के दौरान कई नए मॉडल पेश करने की योजना बना रही है, जिनमें होंडा प्रील्यूड कूपे भी शामिल है। दूसरी ओर एमजी मोटर साइक-वुलिंग की स्टारलाइट एसयूवी के भी ट्रायल कर रही है, जिसके इस वर्ष के अंत तक हेक्टर की जगह पेश किया जा सकता है। कंपनी अपने प्रीमियम एमजी सिलेक्ट पोर्टफोलियो के तहत भी कई नए मॉडल लाने की तैयारी में है। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के अनुसार जीप की मूल कंपनी स्टेलैंटिस 2028 के लिए एक नई एसयूवी डवलप कर रही है। इस ग्लोबल एसयूवी को कंपनी टाटा मोटर्स के एरगोस प्लेटफॉर्म पर तैयार करेगी। यह प्लेटफॉर्म पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक सभी प्रकार के पावरट्रेन को सपोर्ट करता हैै।दूसरी ओर सज्जन जिंदल जेएसडब्ल्यू मोटर्स के जरिए भारत के पीवी मार्केट में बड़ा दांव लगा रहे हैं। एमजी मोटर में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली यह कंपनी बहुत जल्दी स्टेंडअलोन ईवी पीवी ब्रांड लॉन्च करेगी। इसके लिए कंपनी ने चीन की चेरी ऑटोमोबाइल के साथ पार्टनरशिप की है। 2 से 3 बिलियन डॉलर के इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी छत्रपति संभाजीनगर में 3.5 लाख यूनिट्स की कैपेसिटी वाला ग्रीनफील्ड प्लांट लगा रही है। कंपनी का पहला मॉडल संभवत: दिवाली के आसपास लॉन्च होगा और इस प्लग-इन हाइब्रिड एसयूवी को 40 लाख रुपये से कम प्राइस पर पोजिशन किया जाएगा। इन नये प्रोजेक्ट और अपकमिंग लॉन्च से स्पष्ट है कि मार्केट शेयर हासिल करना भले ही पहले की तुलना में कठिन हो गया हो, लेकिन चीन जैसा बड़ा मार्केट हाथ से फिसल जाने के बाद ग्लोबल ऑटोमेकर को भारत में ही लॉन्ग-टर्म उम्मीद नजर आ रही हैं।