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07-09-2026

सिर्फ नाम नहीं नम्बर भी बनाते हैं BrandU की पहचान

  •  आज की दुनिया में ज्यादातर ब्रांड अपने नाम से पहचाने जाते हैं, लेकिन कुछ ब्रांड ऐसे भी हैं जिनके नाम में नंबर शामिल हैं। ये नंबर सिर्फ नाम का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे दिलचस्प कहानियां भी छिपी हैं। भारत की लोकप्रिय चॉकलेट्स में शामिल 5 स्टार इसका अच्छा उदाहरण है। कैडबरी ने इस चॉकलेट का नाम 5 स्ह्लड्डह्म् क्यों रखा, यह आज भी कई लोगों के लिए दिलचस्प सवाल है। 5 स्टार के पैकेज पर सितारे और लग्जरी होटल जैसी तस्वीरें भी इसी नाम को ध्यान में रखकर बनाई गई थीं। कंपनी चाहती थी कि चॉकलेट का नाम कैरामेल और नूगट से भरी इसकी प्रीमियम फील को दिखाए। 3एम भी नंबर वाले नाम का एक दिलचस्प उदाहरण है। आज हम 3एम के कई दूसरे प्रोडक्ट्स को जानते हैं। लेकिन कंपनी का नाम पहले Minnesota Mining and Manufacturing Company था। बाद में कंपनी ने इसे छोटा करके 3एम कर दिया। बोइंग 747 की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। 1950 के दशक में बोइंग ने अपने विमानों के लिए एक इंटरनल नंबरिंग सिस्टम शुरू किया। शुरुआती दौर में 700 सीरीज के नंबर इस्तेमाल हुए और उसके बाद 747 आया। 747 में आखिरी दो अंक यानी 47 को लेकर भी अलग-अलग किस्से सुनने को मिलते हैं। एक कहानी के मुताबिक यह नंबर इसलिए चुना गया क्योंकि कंपनी को इसकी आवाज और लुक पसंद आया। 7अप दुनिया के सबसे लोकप्रिय सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड्स में से एक है। इसके नाम में मौजूद ‘7’ और ‘अप’ को लेकर कई कहानियां और कयास हैं। एक मशहूर कहानी के मुताबिक इसका नाम मूल रूप से इसमें मौजूद सात खास कंटेंट्स से जुड़ा था। हालांकि, इसके नाम की असली कहानी को लेकर आज भी पूरी तरह साफ जानकारी नहीं मिलती। भारत में टाटा टी की एक खास चाय को 1868 नाम से जाना जाता है। यह नाम कंपनी की शुरुआत वाले साल 1868 से जुड़ा है। टाटा गु्रप की स्थापना के साल को ब्रांड ने सीधे अपने नाम का हिस्सा बना दिया। यानी यहां नंबर सिर्फ नाम नहीं, बल्कि कंपनी की विरासत को भी दिखाता है।

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सिर्फ नाम नहीं नम्बर भी बनाते हैं BrandU की पहचान

 आज की दुनिया में ज्यादातर ब्रांड अपने नाम से पहचाने जाते हैं, लेकिन कुछ ब्रांड ऐसे भी हैं जिनके नाम में नंबर शामिल हैं। ये नंबर सिर्फ नाम का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे दिलचस्प कहानियां भी छिपी हैं। भारत की लोकप्रिय चॉकलेट्स में शामिल 5 स्टार इसका अच्छा उदाहरण है। कैडबरी ने इस चॉकलेट का नाम 5 स्ह्लड्डह्म् क्यों रखा, यह आज भी कई लोगों के लिए दिलचस्प सवाल है। 5 स्टार के पैकेज पर सितारे और लग्जरी होटल जैसी तस्वीरें भी इसी नाम को ध्यान में रखकर बनाई गई थीं। कंपनी चाहती थी कि चॉकलेट का नाम कैरामेल और नूगट से भरी इसकी प्रीमियम फील को दिखाए। 3एम भी नंबर वाले नाम का एक दिलचस्प उदाहरण है। आज हम 3एम के कई दूसरे प्रोडक्ट्स को जानते हैं। लेकिन कंपनी का नाम पहले Minnesota Mining and Manufacturing Company था। बाद में कंपनी ने इसे छोटा करके 3एम कर दिया। बोइंग 747 की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। 1950 के दशक में बोइंग ने अपने विमानों के लिए एक इंटरनल नंबरिंग सिस्टम शुरू किया। शुरुआती दौर में 700 सीरीज के नंबर इस्तेमाल हुए और उसके बाद 747 आया। 747 में आखिरी दो अंक यानी 47 को लेकर भी अलग-अलग किस्से सुनने को मिलते हैं। एक कहानी के मुताबिक यह नंबर इसलिए चुना गया क्योंकि कंपनी को इसकी आवाज और लुक पसंद आया। 7अप दुनिया के सबसे लोकप्रिय सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड्स में से एक है। इसके नाम में मौजूद ‘7’ और ‘अप’ को लेकर कई कहानियां और कयास हैं। एक मशहूर कहानी के मुताबिक इसका नाम मूल रूप से इसमें मौजूद सात खास कंटेंट्स से जुड़ा था। हालांकि, इसके नाम की असली कहानी को लेकर आज भी पूरी तरह साफ जानकारी नहीं मिलती। भारत में टाटा टी की एक खास चाय को 1868 नाम से जाना जाता है। यह नाम कंपनी की शुरुआत वाले साल 1868 से जुड़ा है। टाटा गु्रप की स्थापना के साल को ब्रांड ने सीधे अपने नाम का हिस्सा बना दिया। यानी यहां नंबर सिर्फ नाम नहीं, बल्कि कंपनी की विरासत को भी दिखाता है।


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