उपभोक्ता मामलों के नियामक निकाय केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने अनुचित व्यापार व्यवहार और भ्रामक विज्ञापनों के लिए कैब तथा बाइक टैक्सी सेवा मंच रैपिडो पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सरकार ने यह जानकारी दी। सीसीपीए ने कहा कि रैपिडो के खिलाफ यह कार्रवाई भारत में संचालित कैब और बाइक-टैक्सी एग्रीगेटर प्लेटफॉम्र्स की क्षेत्रव्यापी जांच पर आधारित है। यह जांच राइड से पहले टिप मांगने और डिमांड आधारित किराया निर्धारण से जुड़े तौर-तरीकों की पड़ताल के लिए की जा रही है। प्राधिकरण पहले ही उबर, ओला, रैपिडो और नम्मा यात्री सहित विभिन्न मंचों को नोटिस जारी कर उन्हें ‘डार्क पैटर्न की रोकथाम एवं विनियमन संबंधी दिशानिर्देश, 2023’ का पालन करने का निर्देश दे चुका है। डार्क पैटर्न भ्रामक यूजर इंटरफेस डिजाइन होते हैं, जो उपभोक्ताओं को गुमराह कर या हेरफेर करके ऐसे विकल्प चुनने पर मजबूर करते हैं जो वे आमतौर पर नहीं चुनते। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सीसीपीए ने रैपिडो का संचालन करने वाली कंपनी रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित व्यापार व्यवहार, अनुचित अनुबंध और डार्क पैटर्न अपनाने के मामले में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके तहत राइड की पुष्टि होने से पहले यात्रियों को अधिक भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाता था। मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्र के नेतृत्व वाले सीसीपीए ने कहा कि इस संबंध में उबर और ओला के खिलाफ उसकी जांच अभी जारी है। विभिन्न मंचों की जांच के दौरान प्राधिकरण ने पाया कि जब किसी यात्री की बुकिंग हो रही होती थी, उस दौरान रैपिडो ऐप पर ऐसे संदेश आते थे कि अधिक पैसे देने पर कैब मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। जांच के निष्कर्षों का विस्तार से ब्योरा देते हुए सीसीपीए ने रैपिडो के एल्गोरिदम में कमियां पाईं।