क्विक-कॉमर्स कंपनियां अब केवल रोजमर्रा के सामान तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। कंपनियां अपने प्राइवेट लेबल कारोबार का विस्तार अब ताजे फल और सब्जियों तक कर रही हैं। इसकी बड़ी वजह इस कारोबार में मिलने वाला ज्यादा मार्जिन है। इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक ताजा उत्पादों के प्राइवेट लेबल में 35-45 प्रतिशत तक मार्जिन मिल सकता है। जेप्टो ने अपने प्लेटफॉर्म पर ‘ब्लूम’ के जरिए फल और सब्जियों की बिक्री शुरू की है, जबकि स्विगी इंस्टामार्ट ताजे उत्पादों के लिए ‘नेक्टर’ तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य प्राइवेट लेबल के जरिए बिक्री बढ़ाने के साथ कारोबार की कमाई और ग्राहक जुड़ाव को मजबूत करना है। क्विक-कॉमर्स की कुल बिक्री में प्राइवेट लेबल की हिस्सेदारी अब करीब 12-16 प्रतिशत पहुंच गई है। 2025 की शुरुआत में यह हिस्सेदारी करीब 6-8 प्रतिशत थी। इस बढ़ोतरी में रोजमर्रा के सामान की बिक्री की बड़ी भूमिका रही है। रोजमर्रा के सामान में प्राइवेट लेबल से कंपनियों को करीब 15-25 प्रतिशत मार्जिन मिलता है, जबकि पैक किए गए प्रीमियम उत्पादों में यह मार्जिन 20-25 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इसके मुकाबले ताजे फल और सब्जियों में 35-45 प्रतिशत तक मार्जिन मिलने की संभावना कंपनियों के लिए इसे ज्यादा आकर्षक बना रही है। जेप्टो ने ब्लूम के जरिए फल और सब्जियों के कारोबार को आगे बढ़ाया है। वहीं स्विगी इंस्टामार्ट अपने ताजे उत्पादों के कारोबार के लिए नेक्टर ब्रांड तैयार कर रहा है। कंपनी के मुताबिक प्राइवेट लेबल सिर्फ मार्जिन बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे ग्राहक बार-बार प्लेटफॉर्म पर लौट सकते हैं और उनकी खरीदारी भी बढ़ सकती है।