एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण करवा रही है, जिसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अब राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) कोटा को इस निर्माण की मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा गया है। आरटीयू की एक्सपर्ट टीम एयरपोर्ट निर्माण की निगरानी रखेगी। जानकारी के अनुसार देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज आईआईटी व एनआईटी को पीछे छोड़ आरटीयू को 800 करोड़ रुपए के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की क्वालिटी चेक की जिम्मेदारी मिली है। इस संबंध में एएआई और आरटीयू के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के मुताबिक आरटीयू कोटा को एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया ने कोटा में बनने वाले 800 करोड़ रुपये के कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस (टीपीक्यूए) की जिम्मेदारी सौंपी है। जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि यह जिम्मेदारी आरटीयू की तकनीकी दक्षता, विशेषज्ञता एवं गुणवत्ता आधारित अनुसंधान क्षमताओं की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति का प्रतीक है। कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी की प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के विकास की संकल्पना और निर्देशन में अर्जित यह उपलब्धि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी परामर्श एवं गुणवत्ता मूल्यांकन के क्षेत्र में एक नई पहचान प्रदान करेगी। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाएं देश में आधुनिक हवाई अड्डा अवसंरचना के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनमें गुणवत्ता नियंत्रण और मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक होता है। यह परियोजना लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है, जिसकी कुल अवधि 2 वर्ष निर्धारित की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दो प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है। एयरसाइड वक्र्स तथा बिल्डिंग वक्र्स। प्रथम एयरसाइड वक्र्स में रन-वे, टैक्सी-वे और संबंधित तकनीकी ढांचे का निर्माण शामिल होगा जबकि द्वितीय बिल्डिंग वक्र्स के अंतर्गत टर्मिनल भवन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर कार्यादेश का औपचारिक हस्तांतरण भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के जीएम (प्रोजेक्ट) सुनील प्रसाद द्वारा आरटीयू के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी को किया गया। इस अवसर पर डीजीएम अनिल झा, डीजीएम पंकज अग्रवाल तथा वरिष्ठ प्रबंधक (एएच) अविनाश राजपुरोहित उपस्थित रहे। इस परियोजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय की टीम निर्माण सामग्री, डिजाइन मानकों, कार्य निष्पादन की गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों का नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। गौरतलब हैं कि एएआई ने इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक सक्षम थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस (टीपीक्यूए) एजेंसी की आवश्यकता जताई थी। इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने देश के प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों जैसे आईआईटी, एनआईटी और आरटीयू को आमंत्रित किया था। इन सभी महत्वपूर्ण संस्थानों में से आरटीयू, कोटा को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चयनित किया गया है। इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण से कोटा में उद्यमशीलता और पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। कोटा हवाई अड्डा क्षेत्र के लिए प्रगति के नए द्वार खोलेगा और इससे युवाओं, व्यापारियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ होगा।