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16-04-2026

‘India’ से जुदा क्यों है ‘Rajasthan’?

  • देश में व्हीकल सेल्स की स्थिति देखें तो फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में इंडिया के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने सॉलिड परफॉर्मेंस दर्ज किया है, जिसमें सभी कैटेगरीज की रिटेल सेल्स 13.3 फीसदी बढक़र 2.96 करोड़ यूनिट्स के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई। हालांकि डाटा को देखें तो व्हीकल सेल्स ग्रोथ के लिहाज से ‘India’ (ऑल-इंडिया ग्रोथ) व राजस्थान जुदा बने हुए हैं। ऐसा इसलिए राजस्थान के ऑटोमोबाइल सेक्टर की रिटेल सेल्स सालाना आधार पर 9.72 फीसदी बढक़र कुल 17.79 लाख यूनिट्स रही पर डाटा पर गौर करें तो अधिकतर व्हीकल सेगमेंट्स में राजस्थान में दर्ज की गई रिटेल सेल्स ग्रोथ ऑल-इंडिया लेवल की ग्रोथ रेटस से काफी कम रही। फाडा के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में सबसे बड़े सेगमेंट टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर में नेशनल लेवल के मुकाबले काफी कम बढ़त देखी गई है। टू-व्हीलर सेगमेंट में जहां पूरे इंडिया में टू-व्हीलर की बिक्री 13.40 फीसदी की रेट से बढ़ी, वहीं राजस्थान में यह केवल 7.66 फीसदी पर सिमट गई, जबकि थ्री-व्हीलर सेगमेंट में राजस्थान की स्थिति सबसे कमजोर रही। नेशनल लेवल पर 11.68 फीसदी की मजबूत बढ़त के मुकाबले राजस्थान में मात्र 0.89 फीसदी की नाममात्र वृद्धि हुई है। वहीं कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में नेशनल लेवल पर रिटेल सेल्स ग्रोथ 11.74 फीसदी रही जबकि राजस्थान में यह 8.48 फीसदी की दर से बढ़ा। फाडा राजस्थान के चेयरपर्सन शार्विक शाह के अनुसार भले ही पूरे साल की रफ्तार कम रही हो, लेकिन मार्च 2026 के आंकड़ों ने फ्यूचर के लिए उम्मीद जगाई है। मार्च में राज्य ने 36.85 फीसदी की असाधारण बढ़त हासिल की है, जो नेशनल लेवल की ग्रोथ से कहीं आगे है। शाह का मानना है कि व्हीकल की बढ़ती पहुंच, रूरल डिमांड में सुधार और पैसेंजर व्हीकल के प्रति लोगों के बढ़ते आकर्षण से आने वाले समय में मार्केट फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। राजस्थान को अपने टू-व्हीलर और कमर्शियल सेगमेंट को फिर से मजबूती देने के लिए रूरल इकोनॉमी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। महिंद्रा एंड महिंद्रा पैसेंजर कार के प्रिंसिपल डीलर के.एस.मोटर्स गु्रप के एमडी किशोर सिंह गहलोत के अनुसार राजस्थान के पैसेंजर कार रिटेल सेल्स ग्रोथ में एसयूवी सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा। प्रदेश में कुल कार बिक्री में एसयूवी की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। गहलोत का मानना है कि ज्यादा फीचर्स और बेहतर लुक के कारण लोग एसयूवी को प्रायोरिटी दे रहे हैं। मारुति सुजुकी के डीलर उदयपुर बेस्ड टेक्नो मोटर्स के सीईओ दिनेश जैन के अनुसार देश में सितंबर 2025 में लागू हुए जीएसटी 2.0 ने राजस्थान समेत देश के ऑटो मार्केट की सूरत बदल दी है। मास-सेगमेंट (सस्ती कारों और टू-व्हीलर) पर टैक्स का बोझ कम होने से आम आदमी के लिए व्हीकल्स खरीदना अफोर्डेबल हो गया व यही वजह है कि मिडिल क्लास और रूरल क्षेत्रों में व्हीकल्स की डिमांड में जबरदस्त तेजी आई है। 

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‘India’ से जुदा क्यों है ‘Rajasthan’?

देश में व्हीकल सेल्स की स्थिति देखें तो फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में इंडिया के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने सॉलिड परफॉर्मेंस दर्ज किया है, जिसमें सभी कैटेगरीज की रिटेल सेल्स 13.3 फीसदी बढक़र 2.96 करोड़ यूनिट्स के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई। हालांकि डाटा को देखें तो व्हीकल सेल्स ग्रोथ के लिहाज से ‘India’ (ऑल-इंडिया ग्रोथ) व राजस्थान जुदा बने हुए हैं। ऐसा इसलिए राजस्थान के ऑटोमोबाइल सेक्टर की रिटेल सेल्स सालाना आधार पर 9.72 फीसदी बढक़र कुल 17.79 लाख यूनिट्स रही पर डाटा पर गौर करें तो अधिकतर व्हीकल सेगमेंट्स में राजस्थान में दर्ज की गई रिटेल सेल्स ग्रोथ ऑल-इंडिया लेवल की ग्रोथ रेटस से काफी कम रही। फाडा के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में सबसे बड़े सेगमेंट टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर में नेशनल लेवल के मुकाबले काफी कम बढ़त देखी गई है। टू-व्हीलर सेगमेंट में जहां पूरे इंडिया में टू-व्हीलर की बिक्री 13.40 फीसदी की रेट से बढ़ी, वहीं राजस्थान में यह केवल 7.66 फीसदी पर सिमट गई, जबकि थ्री-व्हीलर सेगमेंट में राजस्थान की स्थिति सबसे कमजोर रही। नेशनल लेवल पर 11.68 फीसदी की मजबूत बढ़त के मुकाबले राजस्थान में मात्र 0.89 फीसदी की नाममात्र वृद्धि हुई है। वहीं कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में नेशनल लेवल पर रिटेल सेल्स ग्रोथ 11.74 फीसदी रही जबकि राजस्थान में यह 8.48 फीसदी की दर से बढ़ा। फाडा राजस्थान के चेयरपर्सन शार्विक शाह के अनुसार भले ही पूरे साल की रफ्तार कम रही हो, लेकिन मार्च 2026 के आंकड़ों ने फ्यूचर के लिए उम्मीद जगाई है। मार्च में राज्य ने 36.85 फीसदी की असाधारण बढ़त हासिल की है, जो नेशनल लेवल की ग्रोथ से कहीं आगे है। शाह का मानना है कि व्हीकल की बढ़ती पहुंच, रूरल डिमांड में सुधार और पैसेंजर व्हीकल के प्रति लोगों के बढ़ते आकर्षण से आने वाले समय में मार्केट फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। राजस्थान को अपने टू-व्हीलर और कमर्शियल सेगमेंट को फिर से मजबूती देने के लिए रूरल इकोनॉमी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। महिंद्रा एंड महिंद्रा पैसेंजर कार के प्रिंसिपल डीलर के.एस.मोटर्स गु्रप के एमडी किशोर सिंह गहलोत के अनुसार राजस्थान के पैसेंजर कार रिटेल सेल्स ग्रोथ में एसयूवी सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा। प्रदेश में कुल कार बिक्री में एसयूवी की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। गहलोत का मानना है कि ज्यादा फीचर्स और बेहतर लुक के कारण लोग एसयूवी को प्रायोरिटी दे रहे हैं। मारुति सुजुकी के डीलर उदयपुर बेस्ड टेक्नो मोटर्स के सीईओ दिनेश जैन के अनुसार देश में सितंबर 2025 में लागू हुए जीएसटी 2.0 ने राजस्थान समेत देश के ऑटो मार्केट की सूरत बदल दी है। मास-सेगमेंट (सस्ती कारों और टू-व्हीलर) पर टैक्स का बोझ कम होने से आम आदमी के लिए व्हीकल्स खरीदना अफोर्डेबल हो गया व यही वजह है कि मिडिल क्लास और रूरल क्षेत्रों में व्हीकल्स की डिमांड में जबरदस्त तेजी आई है। 


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