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19-06-2026

चीन में ट्रिलियन डॉलर की सिल्वर इकोनॉमी

  •  पिछले सप्ताह शंघाई में हुई एक एक्जीबिशन में विजिटर्स को रोबोटिक थेरेपी गैजेट्स, एक्सोस्केलेटन, स्मार्ट नर्सिंग बेड और स्मार्टफोन एप पर अलर्ट भेजने वाले डायपर का ट्रायल दिया गया। एक्सोस्केलेटन ऐसा रोबोटिक मेटल फ्रेम होता है जिसे पहनकर बुजुर्ग और शारीरिक रूप से कमजोर लोग चल-फिर सकते हैं और मेहनत का काम कर सकते है। ये सभी प्रोडक्ट्स बुजुर्ग लोगों के लिए डिजाइन किए गए थे। चीन डेमोग्राफिक क्राइसिस के चौराहे पर है। एक और देश में बच्चे कम पैदा होने के कारण आबादी घट रही है दूसरी ओर समाज में बुजुर्ग आबादी बढ़ रही है। ऐसे में सिल्वर इकोनॉमी (बुजुर्गों के प्रोडक्ट्स) पर ट्रिलियन डॉलर का दांव लगाया जा रहा है। सरकारी अनुमानों के अनुसार चीन की सिल्वर इकोनॉमी वर्ष 2035 तक 30 ट्रिलियन युआन (लगभग 4.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच सकती है। अगले दशक के मध्य तक 40 करोड़ से ज्यादा चीनी नागरिकों के 65 वर्ष से अधिक उम्र का होने की उम्मीद है, जो देश की आबादी का 30 परसेंट से अधिक हिस्सा होगा। इस शंघाई इंटरनेशनल सीनियर केयर, रिहैबिलिटेशन मेडिसिन और हेल्थकेयर एक्जीबिशन में 600 से अधिक कंपनियों ने ऐसे प्रोडक्ट्स शोकेस किए जो बुजुर्ग लोगों को अधिक स्वतंत्र जीवन जीने में मदद कर सकते हैं। एक कंपनी ने बुजुर्ग मरीजों के लिए विशेष टूथ-क्लीनिंग (दांत मांजना) गैजेट शोकेस किया। कंपनी ने इसे शुरुआत में बच्चों के लिए डवलप किया था लेकिन बच्चों की घटती संख्या के कारण इसे नए सिरे से डिजाइन कर बुजुर्गों के लिए पोजिशन किया जा रहा है। चीन के बिजनस इकोसिस्टम में यह ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रहा है जो कंपनियां पहले बच्चों, यंग और फैमिली के प्रोडक्ट्स बनाती थीं वे अब सीनियर केयर में बिग बिलियन तलाश रही हैं। एक ऑस्ट्रेलियाई डेयरी कंपनी जिसने पहले इनफेंट मिल्क फॉर्मूला पावडर (शिशु फॉर्मूला दूध) बेचकर माल कमाया उसने इस एक्जीबिशन में बुजुर्गों के लिए मिल्क  प्रोडक्ट्स डिस्प्ले किए। एक कंपनी ने जूतों में लगाए जाने वाले वीयरेबल (पहनने योग्य सेंसर) दिखाए, जो किसी व्यक्ति के चलने के तरीके का विश्लेषण करते हैं और गिरने के रिस्क वाले लोगों की पहचान करने में मदद करते हैं। इसी तरह एक कंपनी ने स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम शोकेस किया हो हेल्थ स्टेटस और चलने-फिरने की क्षमता को ट्रैक कर सकते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा रोबोटिक उपकरणों की हुई जिन्हें एल्डर केयर की शारीरिक मेहनत को कम करने के लिए बनाया गया था। हाई-स्पीड ट्रेन बनाने वाली सरकारी कंपनी सीआरआरसी कॉरपोरेशन ने बुजुर्गों के लिए इंटेलीजेंट नर्सिंग बेड शोकेस किए। इसी तरह रिहैबिलिटेशन कंपनियों ने स्पेस में मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले  वाइब्रेशन थेरेपी सिस्टम को बुजुर्गों के लिए पेश किया। इंडस्ट्री एक्जेक्टिव्स के अनुसार आज के रिटायर लोग पिछली पीढिय़ों की तुलना में व्यक्तिगत संतुष्टि और एक्टिव लाइफस्टाइल (सक्रिय जीवनशैली) को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। पिछले दशक में चीन की बर्थरेट बहुत तेजी से गिरी है और पिछले साल नवजात बच्चों की संख्या आधुनिक चीन के 80 साल के इतिहास में सबसे कम थी।

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चीन में ट्रिलियन डॉलर की सिल्वर इकोनॉमी

 पिछले सप्ताह शंघाई में हुई एक एक्जीबिशन में विजिटर्स को रोबोटिक थेरेपी गैजेट्स, एक्सोस्केलेटन, स्मार्ट नर्सिंग बेड और स्मार्टफोन एप पर अलर्ट भेजने वाले डायपर का ट्रायल दिया गया। एक्सोस्केलेटन ऐसा रोबोटिक मेटल फ्रेम होता है जिसे पहनकर बुजुर्ग और शारीरिक रूप से कमजोर लोग चल-फिर सकते हैं और मेहनत का काम कर सकते है। ये सभी प्रोडक्ट्स बुजुर्ग लोगों के लिए डिजाइन किए गए थे। चीन डेमोग्राफिक क्राइसिस के चौराहे पर है। एक और देश में बच्चे कम पैदा होने के कारण आबादी घट रही है दूसरी ओर समाज में बुजुर्ग आबादी बढ़ रही है। ऐसे में सिल्वर इकोनॉमी (बुजुर्गों के प्रोडक्ट्स) पर ट्रिलियन डॉलर का दांव लगाया जा रहा है। सरकारी अनुमानों के अनुसार चीन की सिल्वर इकोनॉमी वर्ष 2035 तक 30 ट्रिलियन युआन (लगभग 4.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच सकती है। अगले दशक के मध्य तक 40 करोड़ से ज्यादा चीनी नागरिकों के 65 वर्ष से अधिक उम्र का होने की उम्मीद है, जो देश की आबादी का 30 परसेंट से अधिक हिस्सा होगा। इस शंघाई इंटरनेशनल सीनियर केयर, रिहैबिलिटेशन मेडिसिन और हेल्थकेयर एक्जीबिशन में 600 से अधिक कंपनियों ने ऐसे प्रोडक्ट्स शोकेस किए जो बुजुर्ग लोगों को अधिक स्वतंत्र जीवन जीने में मदद कर सकते हैं। एक कंपनी ने बुजुर्ग मरीजों के लिए विशेष टूथ-क्लीनिंग (दांत मांजना) गैजेट शोकेस किया। कंपनी ने इसे शुरुआत में बच्चों के लिए डवलप किया था लेकिन बच्चों की घटती संख्या के कारण इसे नए सिरे से डिजाइन कर बुजुर्गों के लिए पोजिशन किया जा रहा है। चीन के बिजनस इकोसिस्टम में यह ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रहा है जो कंपनियां पहले बच्चों, यंग और फैमिली के प्रोडक्ट्स बनाती थीं वे अब सीनियर केयर में बिग बिलियन तलाश रही हैं। एक ऑस्ट्रेलियाई डेयरी कंपनी जिसने पहले इनफेंट मिल्क फॉर्मूला पावडर (शिशु फॉर्मूला दूध) बेचकर माल कमाया उसने इस एक्जीबिशन में बुजुर्गों के लिए मिल्क  प्रोडक्ट्स डिस्प्ले किए। एक कंपनी ने जूतों में लगाए जाने वाले वीयरेबल (पहनने योग्य सेंसर) दिखाए, जो किसी व्यक्ति के चलने के तरीके का विश्लेषण करते हैं और गिरने के रिस्क वाले लोगों की पहचान करने में मदद करते हैं। इसी तरह एक कंपनी ने स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम शोकेस किया हो हेल्थ स्टेटस और चलने-फिरने की क्षमता को ट्रैक कर सकते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा रोबोटिक उपकरणों की हुई जिन्हें एल्डर केयर की शारीरिक मेहनत को कम करने के लिए बनाया गया था। हाई-स्पीड ट्रेन बनाने वाली सरकारी कंपनी सीआरआरसी कॉरपोरेशन ने बुजुर्गों के लिए इंटेलीजेंट नर्सिंग बेड शोकेस किए। इसी तरह रिहैबिलिटेशन कंपनियों ने स्पेस में मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले  वाइब्रेशन थेरेपी सिस्टम को बुजुर्गों के लिए पेश किया। इंडस्ट्री एक्जेक्टिव्स के अनुसार आज के रिटायर लोग पिछली पीढिय़ों की तुलना में व्यक्तिगत संतुष्टि और एक्टिव लाइफस्टाइल (सक्रिय जीवनशैली) को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। पिछले दशक में चीन की बर्थरेट बहुत तेजी से गिरी है और पिछले साल नवजात बच्चों की संख्या आधुनिक चीन के 80 साल के इतिहास में सबसे कम थी।


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