नॉर्थ कैरोलिना की एक फैडरल कोर्ट ने एक वकील को ना केवल फटकार लगाई बल्कि उसे अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज भी किया। आरोप है कि अमेरिकी सरकार के इन वकील साहब ने एआई से ऐसा कोर्ट ब्रीफ तैयार किया था जिसमें मनगढ़ंत रेफरेंस और गलत कानूनी संदर्भ शामिल थे। जज ने चेतावनी दी कि एआई टूल्स के दुरुपयोग करने वाले वकीलों के खिलाफ अब देशभर की अदालतों को अधिक सख्त रुख अपनाना होगा। जज रॉबर्ट नंबर्स की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अब यह पूरी तरह अनुमान लगाया जा सकता है कि एआई से बनाए गए कोर्ट के कागजों में गलतियां रह सकती हैं। फस्र्ट असिस्टेंट अटॉर्नी रूडी रेनफर पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व सैनिकों के मेडिकल बेनेफिट्स से जुड़े एक मामले में ऐसा दस्तावेज अदालत में दाखिल किया जिसमें फर्जी रेफरेंस और अन्य गंभीर गलतियां थीं। जज के अनुसार ये गलतियां इसलिए हुईं क्योंकि उन्होंने दस्तावेज तैयार करने के लिए एक जनरेटिव एआई टूल का उपयोग किया और बाद में उसे जांचा तक नहीं। हालांकि कोर्ट द्वारा खिंचाई करने के बाद रेनफर ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया था। रेनफर का कुल करियर 30 साल का था जिसमें से 17 साल वे यूएस अटॉर्नी ऑफिस में थे। लेकिन यह मामला सामने आने के बाद उन्होंने यूएस अटॉर्नी ऑफिस से भी इस्तीफा दे दिया। रेनफर की तरह ही कई वकीलों को एआई का इस्तेमाल कर कोर्ट दस्तावेज बनाने के लिए जांच और कोर्ट की झिडक़ी झेलनी पड़ी है। अमेरिका में कई जज प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को भी फटकार या दंड दे चुके हैं। शुरुआत में रेनफर ने अदालत में दावा किया था ये गलतियां केवल क्लेरिकल यानी तकनीकी प्रकृति की थीं और उन्होंने एआई का इस्तेमाल नहीं किया था। लेकिन जज के सवाल-जबाव में वे फंस गए और स्वीकार किया कि उन्होंने एआई टूल का इस्तेमाल किया था। आप जानते हैं रिपोर्ट लिखने के लिए एआई का इस्तेमाल करने के लिए दुनिया की दिग्गज कन्सल्टेंसी फम्र्स भी फायरिंग लाइन में आ चुकी हैं। कुछ महीने पहले ऑस्ट्रेलिया सरकार ने हेल्थ डिपार्टमेंट की एक रिपोर्ट में गलत जानकारियां और डेटा देने के लिए बिगफोर में शामिल डेलॉय पर कई लाख डॉलर का जुर्माना लगाया था। इस रिपोर्ट को लिखने के लिए डेलॉय की टीम ने एआई टूल का इस्तेमाल किया था। हालांकि एआई का इस्तेमाल करने में कोई समस्या नहीं है लेकिन टीम ने रिपोर्ट के फॉर्मेट और डेटा को क्रॉसचेक तक नहीं किया था। ताजा मामले में रेनफर को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी इसलिए अदालत ने सीधे कोई दंड या जुर्माना नहीं लगाया है। लेकिन जज ने यह भी कहा कि भविष्य में अदालतों को केवल फटकार से आगे बढक़र अधिक कठोर दंड लगाना पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार एआई टूल्स शोध और ड्राफ्टिंग में मददगार हो सकते हैं, लेकिन बिना वेरिफाई किए इनका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है।