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05-05-2026

बिलियन डॉलर डील में राजस्थान रॉयल्स की ओनरशिप बदली

  •  आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स जिस तरह से परफॉर्म कर रही है उससे इसके आने वाले दिन बहुत अच्छे बताए जाते हैं। वैसे भी मुंबई इंडियन्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपरकिंग्स फ्री फॉल में हैं। राजस्थान रॉयल्स के लिए 1.65 बिलियन डॉलर यानी 15600 करोड़ रुपये की बोली लगाकर लक्ष्मी मित्तल, उनके बेटे आदित्य मित्तल और सीरम इंस्टीट्यूट वाले अदर पूनावाला की अगुवाई वाले एक कंसोर्टियम ने राजस्थान रॉयल्स को अपने नाम कर लिया। यह सौदा केवल आईपीएल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राजस्थान रॉयल्स का पूरा वैश्विक क्रिकेट नेटवर्क शामिल है जिसमें साउथ अफ्रीका की पार्ल रॉयल्स और कैरेबियन प्रीमियर लीग की बारबेडोस रॉयल्स भी शामिल हैं। सौदे के अनुसार, मित्तल परिवार लगभग 75 परसेंट हिस्सेदारी रखेगा, जबकि आदर पूनावाला करीब 18 परसेंट हिस्सेदारी के मालिक होंगे। शेष 7 परसेंट हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों, जिनमें मनोज बदाले शामिल हैं, के पास बनी रहेगी। इस डील से आईपीएल की बढ़ती एंटरप्राइज वेल्यू का अंदाजा हो जाता है। हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु की डील लगभग 1.78 बिलियन डॉलर के वेल्यूएशन पर हुई थी। राजस्थान रॉयल्स आईपीएल की पहली चैंपियन टीम (2008) रही है और आज यह एक मल्टी-लीग स्पोर्ट्स एसेट बन चुकी है। इस डील में शामिल 1.65 बिलियन डॉलर को वेल्यूएशन को एंटरप्राइज वेल्यू कहा गया है, जिसमें टीम की ब्रांड वैल्यू, मीडिया राइट्स, स्पॉन्सरशिप और इंटरनेशनल विस्तार शामिल हैं।  यह सौदा ऐसे समय में हुआ है जब एक पहले प्रस्तावित  1.63 बिलियन डॉलर का ऑफर अमेरिकी निवेशक काल सोमानी की अगुवाई वाला कंसोर्टियम ने किया था लेकिन यह डील फेल हो गई। हालांकि इस डील को अभी बीसीसीआई, कंपीटिशन कमिशन ऑफ इंडिया और आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल की मंजूरी मिलना बाकी है। इस डील के 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरा होने की संभावना है। डील पूरी होने के बाद, मित्तल परिवार, उनकी बेटी वनीशा मित्तल, आदित्य मित्तल, अदर पूनावाला और मनोज बदले टीम के बोर्ड में शामिल होंगे, जबकि बदले सलाहकार भूमिका में बने रहेंगे। इस डील से पता चलता है कि आईपीएल अब एक वैश्विक स्पोर्ट्स-इकोनॉमी प्लेटफॉर्म बन चुका है। मीडिया राइट्स, डिजिटल व्यूअरशिप और इंटरनेशनल लीग्स के विस्तार के कारण आईपील फ्रेंचाइज की वैल्यू तेजी से बढ़ रही है, जिससे बड़े उद्योगपति इस सेक्टर में भारी निवेश कर रहे हैं।

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बिलियन डॉलर डील में राजस्थान रॉयल्स की ओनरशिप बदली

 आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स जिस तरह से परफॉर्म कर रही है उससे इसके आने वाले दिन बहुत अच्छे बताए जाते हैं। वैसे भी मुंबई इंडियन्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपरकिंग्स फ्री फॉल में हैं। राजस्थान रॉयल्स के लिए 1.65 बिलियन डॉलर यानी 15600 करोड़ रुपये की बोली लगाकर लक्ष्मी मित्तल, उनके बेटे आदित्य मित्तल और सीरम इंस्टीट्यूट वाले अदर पूनावाला की अगुवाई वाले एक कंसोर्टियम ने राजस्थान रॉयल्स को अपने नाम कर लिया। यह सौदा केवल आईपीएल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राजस्थान रॉयल्स का पूरा वैश्विक क्रिकेट नेटवर्क शामिल है जिसमें साउथ अफ्रीका की पार्ल रॉयल्स और कैरेबियन प्रीमियर लीग की बारबेडोस रॉयल्स भी शामिल हैं। सौदे के अनुसार, मित्तल परिवार लगभग 75 परसेंट हिस्सेदारी रखेगा, जबकि आदर पूनावाला करीब 18 परसेंट हिस्सेदारी के मालिक होंगे। शेष 7 परसेंट हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों, जिनमें मनोज बदाले शामिल हैं, के पास बनी रहेगी। इस डील से आईपीएल की बढ़ती एंटरप्राइज वेल्यू का अंदाजा हो जाता है। हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु की डील लगभग 1.78 बिलियन डॉलर के वेल्यूएशन पर हुई थी। राजस्थान रॉयल्स आईपीएल की पहली चैंपियन टीम (2008) रही है और आज यह एक मल्टी-लीग स्पोर्ट्स एसेट बन चुकी है। इस डील में शामिल 1.65 बिलियन डॉलर को वेल्यूएशन को एंटरप्राइज वेल्यू कहा गया है, जिसमें टीम की ब्रांड वैल्यू, मीडिया राइट्स, स्पॉन्सरशिप और इंटरनेशनल विस्तार शामिल हैं।  यह सौदा ऐसे समय में हुआ है जब एक पहले प्रस्तावित  1.63 बिलियन डॉलर का ऑफर अमेरिकी निवेशक काल सोमानी की अगुवाई वाला कंसोर्टियम ने किया था लेकिन यह डील फेल हो गई। हालांकि इस डील को अभी बीसीसीआई, कंपीटिशन कमिशन ऑफ इंडिया और आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल की मंजूरी मिलना बाकी है। इस डील के 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरा होने की संभावना है। डील पूरी होने के बाद, मित्तल परिवार, उनकी बेटी वनीशा मित्तल, आदित्य मित्तल, अदर पूनावाला और मनोज बदले टीम के बोर्ड में शामिल होंगे, जबकि बदले सलाहकार भूमिका में बने रहेंगे। इस डील से पता चलता है कि आईपीएल अब एक वैश्विक स्पोर्ट्स-इकोनॉमी प्लेटफॉर्म बन चुका है। मीडिया राइट्स, डिजिटल व्यूअरशिप और इंटरनेशनल लीग्स के विस्तार के कारण आईपील फ्रेंचाइज की वैल्यू तेजी से बढ़ रही है, जिससे बड़े उद्योगपति इस सेक्टर में भारी निवेश कर रहे हैं।


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