मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति और समृद्ध विरासत के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, कौशल, उद्यमशीलता और सामाजिक समरसता की भावना से राजस्थान का नाम रोशन किया है। ‘पधारो म्हारे देश’ के साथ अब ‘पधारो थारे देश’ की भावना को भी आगे बढ़ाना है, ताकि प्रवासी राजस्थानी अपनी मातृभूमि में लौटकर प्रदेश के विकास में योगदान दें। राजस्थान फाउंडेशन प्रवासी राजस्थानियों को सामाजिक गतिविधियों और निवेश के अवसरों से जोडऩे में सशक्त सेतु की भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने राजस्थान फाउंडेशन के विस्तार के तहत 11 नए चैप्टर्स प्रारम्भ करने की घोषणा की। इनमें रायपुर, लखनऊ, पटना, सिलीगुड़ी, पणजी और विशाखापट्टनम में 6 चैप्टर्स तथा सैन फ्रांसिस्को (यूएसए), ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड), मिलान (इटली) और डबलिन (आयरलैंड) में 4 चैप्टर्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त स्टॉकहोम में नॉर्डिक चैप्टर स्थापित किया जाएगा, जिसमें स्वीडन, डेनमार्क, नॉर्वे और फिनलैंड सम्मिलित होंगे। इसके साथ ही राजस्थान फाउंडेशन के देश-विदेश में संचालित चैप्टर्स की संख्या 40 से बढक़र 51 हो जाएगी। इनमें 25 चैप्टर्स देश में और 26 चैप्टर्स विदेश में संचालित होंगे। मुख्यमंत्री ने जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में प्रवासी राजस्थानियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी बनाते हुए उनके निवेश, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक जुड़ाव को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। बिजली में भी आत्मनिर्भरता से आगे बढ़ते हुए अब राजस्थान विद्युत प्रदाता राज्य बन गया है। वहीं आवागमन को सुगम बनाने के लिए 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के साथ ही एयर कनेक्टिविटी का विस्तार भी किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए एमएसएमई क्षेत्र में कन्सेंट-टू-ऑपरेट की समय-सीमा 120 दिन से घटाकर 30 दिन की गई है, जबकि बड़े उद्योगों के लिए इसे 60 दिन किया गया है। साथ ही, व्हाइट कैटेगरी के उद्योगों की सूची 104 से बढ़ाकर 877 की गई है।
इसी प्रकार राज निवेश पोर्टल पर 18 विभागों की लगभग 190 सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। राजस्थान इंडस्ट्रीज पार्क प्रमोशन पॉलिसी-2026, राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम, राजस्थान एमएसएमई पॉलिसी और एक जिला-एक उत्पाद नीति के माध्यम से उद्योगों और निवेशकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राजस्थान में निवेश की अपार संभावनाएं : मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में खनिज संपदा, कृषि उत्पादों, मसालों, हस्तशिल्प और पर्यटन के क्षेत्रों में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में लगभग 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही ग्रीनफील्ड रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए नया ग्रोथ इंजन बनेगी। रिफाइनरी से निकलने वाले विभिन्न उत्पादों के आधार पर छोटे और बड़े उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 472 औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जहां लगभग 46 हजार औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों से आह्वान किया कि वे अपनी मातृभूमि में निवेश कर रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने में भागीदार बनें। 8 दिसम्बर को शेखावाटी हेरिटेज मीट : मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार विरासत को सहेजकर विकास की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में सीकर, झुंझुनूं और चूरू में हेरिटेज टूरिज्म सर्किट विकसित किया जा रहा है। वहीं, शेखावाटी क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए 662 ऐतिहासिक हवेलियों को चिह्नित किया गया हैं। उन्होंने कहा कि शेखावाटी की ऐतिहासिक विरासत, हवेलियों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 8 दिसम्बर को शेखावाटी हेरिटेज मीट आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों को आगामी 10 दिसम्बर को आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया। इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक ‘विकास के सहभागी’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा, जयपुर महापौर सुनील कोठारी सहित बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी उपस्थित रहे।