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10-10-2026

‘प्रस्तावित सुधारों का प्रभावी क्रियान्वयन से व्यापार एवं उद्योग का होगा विकास’

  •  राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन ने जीएसटी परिषद की सिफारिशों का स्वागत करते हुए कहा कि जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी एवं उद्योग-अनुकूल बनाने की दिशा में प्रक्रियागत सुधार महत्वपूर्ण कदम हैं। इनसे व्यापारियों, उद्यमियों और उद्योगों को अनुपालन संबंधी कठिनाइयों तथा अनावश्यक मुकदमेबाजी से राहत मिलने की उम्मीद है। कर व्यवस्था का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह नहीं, बल्कि व्यापार एवं उद्योग के लिए सरल, स्थिर और भरोसेमंद वातावरण तैयार करना भी होना चाहिए। रिफंड प्रक्रिया में सुधार, इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित प्रावधानों का पुनर्गठन, पंजीकरण प्रक्रियाओं का स्वचालन तथा कर विवादों में स्पष्ट दिशा-निर्देश व्यवसायों के समय और लागत को कम करने में सहायक हो सकते हैं। विभागीय कार्यवाही में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक कर अनुपालन करने वाले उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने में मदद मिलेगी। विदेशों में स्थित अपनी शाखाओं या कार्यालयों को भारतीय व्यवसायों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं को निर्यात के रूप में मान्यता देने संबंधी सिफारिश का भी स्वागत किया। 

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‘प्रस्तावित सुधारों का प्रभावी क्रियान्वयन से व्यापार एवं उद्योग का होगा विकास’

 राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन ने जीएसटी परिषद की सिफारिशों का स्वागत करते हुए कहा कि जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी एवं उद्योग-अनुकूल बनाने की दिशा में प्रक्रियागत सुधार महत्वपूर्ण कदम हैं। इनसे व्यापारियों, उद्यमियों और उद्योगों को अनुपालन संबंधी कठिनाइयों तथा अनावश्यक मुकदमेबाजी से राहत मिलने की उम्मीद है। कर व्यवस्था का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह नहीं, बल्कि व्यापार एवं उद्योग के लिए सरल, स्थिर और भरोसेमंद वातावरण तैयार करना भी होना चाहिए। रिफंड प्रक्रिया में सुधार, इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित प्रावधानों का पुनर्गठन, पंजीकरण प्रक्रियाओं का स्वचालन तथा कर विवादों में स्पष्ट दिशा-निर्देश व्यवसायों के समय और लागत को कम करने में सहायक हो सकते हैं। विभागीय कार्यवाही में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक कर अनुपालन करने वाले उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने में मदद मिलेगी। विदेशों में स्थित अपनी शाखाओं या कार्यालयों को भारतीय व्यवसायों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं को निर्यात के रूप में मान्यता देने संबंधी सिफारिश का भी स्वागत किया। 


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