राजस्थान का ऑटोमोबाइल मार्केट फेस्टिव सीजन से पहले मजबूत रफ्तार पकड़ चुका है। सितंबर 2026 में राज्य में कुल 1,38,768 व्हीकल्स की रिटेल सेल हुई, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 29.40 प्रतिशत अधिक है। व्हीकल मार्केट की यह तेजी केवल पैसेंजर व्हीकल्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल्स, ट्रैक्टर और निर्माण उपकरणों सहित लगभग सभी प्रमुख कैटेगरीज में देखने को मिली। इससे संकेत मिल रहे हैं कि नवरात्र और दशहरा के साथ अक्टूबर में मार्केट की रफ्तार और बढ़ सकती है। राजस्थान के ऑटो मार्केट की सबसे बड़ी ताकत इस समय रूरल डिमांड बनकर सामने आई है। सितंबर में ट्रैक्टरों की बिक्री में 31.88 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई, जबकि देशभर में ट्रैक्टर मार्केट की वृद्धि 13.75 प्रतिशत रही। यह परफॉर्मेंस बताता है कि राज्य के एग्रीकल्चर सेक्टर में व्हीकल खरीद की कैपेसिटी और डिमांड मजबूत बनी हुई है। इसी तरह निर्माण गतिविधियों में तेजी का असर व्हील्ड कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट पर भी दिखा, जिसकी बिक्री 55.68 प्रतिशत बढ़ी। यह नेशनल लेवल की 38 प्रतिशत वृद्धि से काफी अधिक है। सेमी-अर्बन और रूरल दोनों मार्केट्स में व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक आवाजाही की जरूरत ने थ्री-व्हीलर और टू-व्हीलर की डिमांड को भी मजबूत किया। थ्री-व्हीलर की बिक्री 38.72 प्रतिशत बढ़ी, जबकि नेशनल लेवल पर वृद्धि 22.25 प्रतिशत रही। टू-व्हीलर सेक्टर में राजस्थान ने 29.83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। यह राज्य के सबसे बड़े वाहन खंड के रूप में मार्केट की कुल बिक्री को मजबूती देता रहा। कमर्शियल व्हीकल मार्केट भी पीछे नहीं रहा। सितंबर में इस कैटेगरी में 36.01 प्रतिशत की वृद्धि हुई। ट्रांसपोर्टेशन एक्टीविटी, कारोबारी गतिविधियों और यूज्ड व्हीकल को बदलने की डिमांड से इस खंड को समर्थन मिला। पैसेंजर व्हीकल्स में भी बिक्री 22.41 प्रतिशत बढ़ी, हालांकि यह नेशनल लेवल 32.10 प्रतिशत वृद्धि से कम रही। ऐसे में पैसेंजर व्हीकल मार्केट के लिए फेस्टिव सीजन निर्णायक साबित हो सकता है। इस बीच राजस्थान के व्हीकल मार्केट में ईवी की कहानी सबसे तेजी से बदल रही है। सितंबर में कुल व्हीकल्स रजिस्ट्रेशन में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी बढक़र 12.8 प्रतिशत हो गई और ईवी रजिस्ट्रेशन सालाना आधार पर 92.4 प्रतिशत बढ़े। पैसेंजर व्हीकल में ईवी हिस्सेदारी पिछले साल के 5.86 प्रतिशत से बढक़र 11.38 प्रतिशत पहुंच गई। हाइब्रिड व्हीकल्स की हिस्सेदारी भी 5.27 प्रतिशत रही। इससे साफ है कि ग्राहक अब पारंपरिक फ्यूल के साथ वैकल्पिक तकनीक को भी तेजी से अपना रहे हैं। फाडा राजस्थान के चेयरपर्सन सौरभ अग्रवाल के अनुसार फेस्टिव सीजन मार्केट के लिए महत्वपूर्ण है। नवरात्र, दशहरा और आगे आने वाले फेस्टिव व्हीकल खरीद को गति दे सकते हैं। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष फेस्टिव सीजन में करीब 25 फीसदी ग्रोथ रहने की संभावना है। नेशनल लेवल पर पैसेंजर व्हीकल्स की इन्वेंट्री 43-45 दिनों तक पहुंच चुकी है। ऐसे में लोकप्रिय मॉडलों की उपलब्धता, वित्त मंजूरी, त्योहारी ऑफर और ईवी की बेहतर जानकारी ग्राहकों तक पहुंचाना बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। कुल मिलाकर राजस्थान का ऑटो मार्केट इस समय तीन बड़े बदलावों फेस्टिव खरीदारी, मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था और तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी—के संगम पर खड़ा है। सितंबर के आंकड़े बताते हैं कि यदि अक्टूबर में फेस्टिव डिमांड उम्मीद के मुताबिक बनी रहती है, तो राजस्थान के व्हीकल मार्केट के लिए 2026 की दूसरी छमाही बेहद मजबूत साबित हो सकती है।
