मेक-इन इण्डिया, स्वदेशी उत्पाद, स्वदेशी व्यापार व स्वदेशी पर्यटन इन सबने व्यापार तथा व्यापारी का आत्मविश्वास बढ़ाया है। ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल के कारण फ्यूल की दरें अस्थिर हो गई। वांछित एक्सपोर्ट में दिक्कतें आई। डॉलर की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी मार्केट को अस्थिरता दी। सोने-चांदी पर देशी-विदेशी आर्थिकी पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है। सोने-चांदी की कीमतें बेतहाशा उछाल की ओर है। मौसम के असमय बारिश होने तथा सूखा पडऩे से किसान की खरीदारी कमजोर रहने की संभावना है पर कीमतें बढऩे के कारण मार्केट में क्रय-विक्रय का वोल्यूम सुधरा हुआ दिखाई दे रहा है। ऑनालाइन व्यापार ने बाजारों में बैठे व्यापारियों के व्यापार को अस्थिर किया है। फिर भी नवरात्रा, दीपावली, भैयादूज, गोरधन पूजा के साथ-साथ ब्याह-शादियों की खरीदारी की योजनाएं बनने लगी है। मार्केट का व्यापारी उत्साहित है। स्वदेशी अपनाओं, स्वदेशी उत्पाद, स्वदेशी व्यापार व स्वदेशी पर्यटन के कारण एमएसएमई को बूस्ट मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। केन्द्रीय नीतियों के कारण एमएसएमई का एक्सपोर्ट भी बढऩे का अनुमान है। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता के अनुसार गत वर्ष के मुकाबले यद्यपि खरीदारी कमजोर होने का अनुमान है, लेकिन रुपए का अवमूल्यन होने के कारण तथा मार्केट में वस्तुओं की कीमतें बढऩे के कारण करीब 12 प्रतिशत उछाल की संभावना बनी है। राजस्थान में करीब 86300 करोड़ रुपए का कारोबार होने की संभावना है।