नवरात्रि से शुरू हुआ त्योहारों का सीजन जयपुर सहित राजस्थान के व्यापारिक बाजारों के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस और दीपावली तक चलने वाले इस सीजन में उपभोक्ताओं की खरीदारी बढऩे से रिटेल कारोबार, थोक व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को गति मिलने की संभावना है। त्योहारों पर परंपरागत खरीदारी के साथ अब इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, वाहन, होम डेकोर और ऑनलाइन शॉपिंग का दायरा भी बढ़ रहा है। इससे बाजार में कारोबार के नए अवसर बन रहे हैं। फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के अनुसार नवरात्रि से दिवाली तक का समय राजस्थान के व्यापार और उद्योग जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान बाजार में मांग बढऩे से छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक को अवसर मिलते हैं। त्योहारों की खरीदारी का लाभ केवल रिटेल व्यापार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग और रोजगार पर भी पड़ता है। यदि व्यापारियों को बेहतर व्यावसायिक माहौल, सुगम परिवहन और ग्राहकों को आकर्षक विकल्प मिलें, तो इस सीजन में कारोबार को और गति मिल सकती है। इस बार नवरात्र से लेकर दिवाली तक महीने भर के दौरान प्रदेश में 50 हजार और जयपुर में 10 हजार करोड़ के कारोबार की उम्मीद है। डिजिटल बाजार और बेहतर ग्राहक सेवा पर जोर : इस बार कारोबारियों के लिए ऑनलाइन प्रचार, डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया मार्केटिंग और ग्राहकों को बेहतर खरीदारी अनुभव देना भी महत्वपूर्ण रहेगा। आकर्षक उत्पाद रेंज, उचित कीमत, गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी के जरिए व्यापारी अधिक ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं। वहीं, बाजारों में पार्किंग, यातायात प्रबंधन और साफ-सफाई जैसी सुविधाएं बेहतर होने से ग्राहकों की आवाजाही आसान होगी। हालांकि, कारोबार की वास्तविक वृद्धि उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति, उत्पादों की कीमतों और बाजार में मांग पर निर्भर करेगी। व्यापारियों के लिए जरूरी होगा कि वे मांग के अनुसार स्टॉक रखें और अनावश्यक लागत से बचें। त्योहारों का यह सीजन राजस्थान के व्यापारिक तंत्र के लिए बिक्री बढ़ाने के साथ स्थानीय उत्पादों, छोटे कारोबारियों और रोजगार को प्रोत्साहन देने का भी अवसर है। त्योहारों का सीजन व्यापारियों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी अवसरों में से एक है। इस दौरान आम परिवारों के खर्च में बढ़ोतरी होती है और इसका सकारात्मक असर बाजार की विभिन्न श्रेणियों पर पड़ता है। ज्वेलरी से लेकर ऑटोमोबाइल तक बढ़ेगी मांग : त्योहारों के दौरान सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े, रेडीमेड गारमेंट्स, मिठाइयां, ड्राई फ्रूट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल फोन, फर्नीचर और सजावटी सामान की मांग बढऩे की संभावना है। धनतेरस पर सोने-चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी को लेकर बाजार में विशेष गतिविधियां रहती हैं। वहीं, दिवाली पर घरों की सजावट, गिफ्ट पैक, लाइटिंग, मिठाई और पूजा सामग्री से जुड़े कारोबार को भी लाभ मिलता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जोरदार उछाल देखने को मिल सकता है। फोर्टी का अनुमान है कि इस बार नवरात्रि से दिवाली तक वाहनों की बिक्री में पिछले साल की तुलना में 25 फीसदी की ज्यादा ग्रोथ होने की संभावना है। जबकि रियल एस्टेट और होम इम्प्रूवमेंट से जुड़े कारोबार में भी त्योहारों के दौरान ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।