राजस्थान में औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीको द्वारा आयोजित अविकसित एवं अर्धविकसित भूखंडों की ई-नीलामी में निवेशकों का जबरदस्त रूझान दिखाई दिया है। 30 सितंबर को समाप्त हुई ऑनलाइन बिड में करीब 391 एकड़ क्षेत्रफल वाले 12 भूखण्डों के लिए 128 निवेशकों ने भाग लिया, जिससे रीको को 569 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई जो कि प्रदेश में निवेश के प्रति उद्यमियों की रुचि और रीको की नीतियों एवं योजनाओं पर निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत मिलता है। पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रीको द्वारा उदयपुर के माल की टूस में उपलब्ध कराए गए 2 भूखण्डों के लिए निवेशकों की विशेष रुचि देखने को मिली। इन दोनों भूखण्डों के लिए 68 उद्यमियों ने बिड में भाग लिया। इन भूखण्डों पर पर्यटन आधारित परियोजनाएं स्थापित होने से प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त भिवाड़ी के राबडक़ा में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के विस्तार के लिए नियोजित 1 भूखंड के लिए 7 आवेदन, दौसा के आई.जी.पी. जयरामपुरा में 1 औद्योगिक भूखण्ड के लिए 3 आवेदन, दौसा के बांदीकुई (साउथ वेस्ट जोन) में 4 औद्योगिक भूखण्डों के लिए 32 आवेदन प्राप्त हुए। इसी प्रकार राजसमंद के तनाजा का बांसा में 2 औद्योगिक भूखण्डों के लिए 6 आवेदन तथा उदयपुर के पीपाड़ में 2 औद्योगिक भूखण्डों के लिए 12 आवेदन प्राप्त हुए। रीको द्वारा उपलब्ध कराई जा रही यह भूमि उद्योग, लॉजिस्टिक्स एवं पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने वाले निवेशकों को राज्य में सफल उद्यम स्थापित करने के लिये महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। भूमि का आवंटन प्रारंभ में 33 वर्ष की अवधि के लिए किया जा रहा है तथा लीज अवधि को दो बार 33-33 वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकेगा। प्रारंभिक 33 वर्ष की लीज अवधि पूरी होने के बाद पहली 33 वर्षीय नवीनीकरण अवधि तथा उसके बाद दूसरी 33 वर्षीय नवीनीकरण अवधि के लिए नवीनीकरण के समय संबंधित औद्योगिक क्षेत्र में प्रचलित आवंटन दर के आधार पर 10 प्रतिशत भूमि प्रीमियम देना होगा। रीको की यह पहल प्रदेश में निवेश, औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर एवं पर्यटन गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ नए उद्यमियों के लिए भूमि की उपलब्धता आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।