शिक्षा नगरी के रूप में देशभर में पहचान बना चुके कोटा में अब होटल कारोबार भी तेजी से विस्तार कर रहा है। खासकर बजट होटल्स की बढ़ती संख्या शहर की इकोनॉमी को नई गति दे रही है। कम खर्च में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले ये होटल छात्रों के अभिभावकों, पर्यटकों और इंडस्ट्रीयल बायर्स के साथ कॉर्पोरेट स्टाफ की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है, वरन ट्रांसपोर्ट, फूड, ट्रेवल एजेंसियों और छोटे मझोले व्यापारियों को भी प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंच रहा है। कोटा में बजट होटल्स का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय इकोनॉमी और रोजगार को नई गति मिली है। कोचिंग हब होने के साथ ही कोटा अब वाइल्डलाइफ टूरिज्म और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी उभर रहा है। हाड़ौती होटल फेडरेशन के अनुसार शहर के 20 किमी के दायरे में 60 से 70 नए होटलों का निर्माण हो रहा है। जयपुर-जोधपुर की तुलना में किफायती होने के कारण यहां बड़े ब्रांड्स भी निवेश कर रहे हैं। यह बदलाव स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के बेहतरीन अवसर पैदा कर रहा है। इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार कोटा वह शहर है जहां हर वर्ष लाखों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। साथ ही उनके अभिभावकों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। दूसरी ओर शहर में टूरिज्म गतिविधियों के बढऩे से भी होटल उद्योग को मजबूती मिली है। कम बजट में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ ही कोटा के होटल राजस्थान के अन्य संभागों की तुलना में आगे है। हाड़ौती होटल फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि कोटा में टूरिज्म को लगातार बढ़ावा मिल रहा है और आने वाले समय में इसके और अधिक विस्तार की संभावना है। इसी कारण शहर में नए होटल और रिसॉर्ट लगातार विकसित हो रहे हैं। उनका कहना है कि कोटा अब केवल कोचिंग हब होने के साथ-साथ ही टूरिज्म के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। कोटा में एवरेज 30 कमरों के बजट होटल के निर्माण के लिए 2 से 3 करोड़ रुपए का बजट बैठता है। मूंदड़ा रिसॉर्ट के प्रमुख अनिल मूंदड़ा के अनुसार हाड़ौती क्षेत्र में कई प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य और पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं इनमें मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य, सोरसन वन्यजीव अभयारण्य, शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व तथा भैंसरोडग़ढ़ वन्यजीव अभयारण्य प्रमुख हैं। इन क्षेत्रों में वन्यजीवों की संख्या बढऩे और टूरिज्म एक्टीविटी के विकास के कारण देश-विदेश से पर्यटकों का आगमन बढ़ रहा है। होटल कारोबारी संदीप पाडिया के मुताबिक कोटा में टूरिज्म को लगातार बढ़ावा मिल रहा है और आने वाले समय में इसके और अधिक विस्तार की संभावना है। इसी कारण शहर में नए होटल और रिसॉर्ट लगातार विकसित हो रहे हैं। उनका कहना है कि कोटा अब केवल कोचिंग हब होने के साथ-साथ ही टूरिज्म के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।