केंद्र सरकार ने देश के सोलर एनर्जी के क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए कुछ श्रेणी की सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित सोलर सेल के अनिवार्य उपयोग की समय सीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी है। पहले यह नियम 31 मई 2026 से लागू होना था, लेकिन अब सरकार ने इसे लगभग सात महीने आगे बढ़ा दिया है। इस फैसले का उद्देश्य उद्योग को नई व्यवस्था के अनुरूप ढलने के लिए अतिरिक्त समय देना और चल रही परियोजनाओं पर पडऩे वाले संभावित असर को कम करना है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ओपन एक्सेस, कैप्टिव तथा कमर्शियल एवं इंडस्ट्रीयल (सीएंडआई) श्रेणी की सौर परियोजनाओं को 31 दिसंबर 2026 तक घरेलू सोलर सेल खरीदने की अनिवार्यता से छूट मिलेगी। हालांकि, 1 जनवरी 2027 या उसके बाद चालू होने वाली परियोजनाओं के लिए सरकार की अनुमोदित सूची (एएलएमएम-ढ्ढढ्ढ) में शामिल भारतीय निर्माताओं के सोलर सेल का उपयोग अनिवार्य होगा। इस कदम से परियोजना डेवलपर्स को अपनी आपूर्ति श्रृंखला और खरीद योजनाओं में आवश्यक बदलाव करने का समय मिल जाएगा। उद्योग लंबे समय से इस नियम में राहत की मांग कर रहा था। कंपनियों का कहना था कि इंडिया में सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता तेजी से बढ़ी है, लेकिन सोलर सेल निर्माण क्षमता अभी भी अपेक्षाकृत कम है। इस असंतुलन के कारण घरेलू सोलर सेल की उपलब्धता सीमित बनी हुई है। यदि अनिवार्यता को तुरंत लागू किया जाता, तो कई परियोजनाओं की लागत बढ़ सकती थी, निर्माण कार्य में देरी हो सकती थी और बिजली उत्पादन की समयसीमा भी प्रभावित हो सकती थी। ऐसे में अचानक नियम लागू होने से अनुबंधों, आपूर्ति और वित्तीय योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। सरकार ने इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए समयसीमा बढ़ाने का निर्णय लिया। राजस्थान सोलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील बंसल के अनुसार इस निर्णय से सोलर सेक्टर की रुकी हुई रफ्तार फिर से गति पकड़ेगी। सरकार के इस निर्णय से निवेशकों के साथ छोटे वेंडर्स, इंस्टॉलर और ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही प्रदेश में करोड़ों रुपए के नया कारोबार होने की संभावना है। राजस्थान सोलर एसोसिएशन के सीईओ नितिन अग्रवाल के अनुसार 6 माह का विस्तार इंडस्ट्री की सभी चुनौतियों के समाधान के लिए पर्याप्त नहीं होगा। वर्तमान परिस्थितियों में परियोजनाओं, घरेलू सेल उपलब्धता, सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को देखते हुए इसका विस्तार एक साल और बढ़ाया जाए। ताकि इंडस्ट्री बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।