TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

18-07-2026

रीको ने मध्यवर्ती माइलस्टोन में दी छूट

  •  प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश करने वाले उद्यमियों के लिए अच्छी खबर है। रीको ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत बड़ा फैसला लेते हुए प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 और ई-नीलामी के माध्यम से औद्योगिक भूखंड लेने वाले उद्यमियों को मध्यवर्ती माइलस्टोन (Intermediate Milestones) के नियमों में राहत दी है। रीको डिस्पोजल ऑफ लैंड रूल्स, 1979 के नियम 3(एजे) और नियम 21 में आंशिक संशोधन कर यह सुविधा दी है। इसका उद्देश्य उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने में आने वाली शुरुआती कठिनाइयों से राहत देना है। औद्योगिक भूखण्ड के आवंटन से लेकर उत्पादन प्रारंभ करने तक विभिन्न गतिविधियों को पूर्ण करने के लिये रीको ने विभिन्न माइलस्टोन निर्धारित किये थे। उद्योग शुरू करने की तय अवधि के दौरान कई चरणों में माइलस्टोन पूर्ण करना अनिवार्य था। किसी भी चरण में निर्धारित कार्य समय पर पूर्ण ना होने पर भूमि लागत का 0.5 प्रतिशत एकमुश्त दंड देना पड़ता था। लगातार देरी होने पर आवंटन निरस्त करने का नियम भी रखा गया था। पर्यावरण स्वीकृति वाले प्रोजेक्ट्स के लिए पहले 2, 6, 12, 18 और 24 माह के कुल पांच माइलस्टोन तय थे। इनमें लीज समझौता, पर्यावरण स्वीकृति के लिए आवेदन, भवन मानचित्र स्वीकृति, पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करना, प्लिंथ स्तर तक निर्माण और छत का निर्माण जैसे कार्य शामिल थे। वहीं जिन परियोजनाओं में पर्यावरण स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होती थी, उनके लिए 6, 12 और 18 माह के तीन माइलस्टोन निर्धारित थे। हर चरण में देरी होने पर 0.5 प्रतिशत का दंड देना पड़ता था। ऐसे उद्योगों को उत्पादन शुरू करने के लिए दो वर्ष तथा पर्यावरण स्वीकृति वाले उद्योगों को तीन वर्ष का समय दिया जाता है। शुरुआती माइलस्टोन पूर्ण करने की अवधि बहुत कम मिलने के कारण उद्यमियों को परेशानी होती थी। उद्यमियों ने रीको को बताया कि भूखंड आवंटन के बाद विभिन्न विभागों से अनुमतियां लेना, बैंक या अन्य संस्थानों से वित्तीय सहायता जुटाना और परियोजना की योजना तैयार करने में पर्याप्त समय लगता है। इसी को ध्यान में रखते हुए रीको ने इस संबंध में पूर्व में जारी किये नियमों का सरलीकरण किया है। अब पर्यावरण स्वीकृति वाले और तीन वर्ष की अवधि वाले प्रोजेक्ट्स के लिए केवल दो माइलस्टोन 12 और 24 माह पर होंगे। इसी प्रकार जिनमें पर्यावरण स्वीकृति आवश्यक नहीं है और उत्पादन प्रारंभ करने के लिये दो वर्ष का समय दिया गया है, उनके लिए दो माइलस्टोन 12 और 18 माह पर निर्धारित किए गए हैं।

Share
रीको ने मध्यवर्ती माइलस्टोन में दी छूट

 प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश करने वाले उद्यमियों के लिए अच्छी खबर है। रीको ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत बड़ा फैसला लेते हुए प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 और ई-नीलामी के माध्यम से औद्योगिक भूखंड लेने वाले उद्यमियों को मध्यवर्ती माइलस्टोन (Intermediate Milestones) के नियमों में राहत दी है। रीको डिस्पोजल ऑफ लैंड रूल्स, 1979 के नियम 3(एजे) और नियम 21 में आंशिक संशोधन कर यह सुविधा दी है। इसका उद्देश्य उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने में आने वाली शुरुआती कठिनाइयों से राहत देना है। औद्योगिक भूखण्ड के आवंटन से लेकर उत्पादन प्रारंभ करने तक विभिन्न गतिविधियों को पूर्ण करने के लिये रीको ने विभिन्न माइलस्टोन निर्धारित किये थे। उद्योग शुरू करने की तय अवधि के दौरान कई चरणों में माइलस्टोन पूर्ण करना अनिवार्य था। किसी भी चरण में निर्धारित कार्य समय पर पूर्ण ना होने पर भूमि लागत का 0.5 प्रतिशत एकमुश्त दंड देना पड़ता था। लगातार देरी होने पर आवंटन निरस्त करने का नियम भी रखा गया था। पर्यावरण स्वीकृति वाले प्रोजेक्ट्स के लिए पहले 2, 6, 12, 18 और 24 माह के कुल पांच माइलस्टोन तय थे। इनमें लीज समझौता, पर्यावरण स्वीकृति के लिए आवेदन, भवन मानचित्र स्वीकृति, पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करना, प्लिंथ स्तर तक निर्माण और छत का निर्माण जैसे कार्य शामिल थे। वहीं जिन परियोजनाओं में पर्यावरण स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होती थी, उनके लिए 6, 12 और 18 माह के तीन माइलस्टोन निर्धारित थे। हर चरण में देरी होने पर 0.5 प्रतिशत का दंड देना पड़ता था। ऐसे उद्योगों को उत्पादन शुरू करने के लिए दो वर्ष तथा पर्यावरण स्वीकृति वाले उद्योगों को तीन वर्ष का समय दिया जाता है। शुरुआती माइलस्टोन पूर्ण करने की अवधि बहुत कम मिलने के कारण उद्यमियों को परेशानी होती थी। उद्यमियों ने रीको को बताया कि भूखंड आवंटन के बाद विभिन्न विभागों से अनुमतियां लेना, बैंक या अन्य संस्थानों से वित्तीय सहायता जुटाना और परियोजना की योजना तैयार करने में पर्याप्त समय लगता है। इसी को ध्यान में रखते हुए रीको ने इस संबंध में पूर्व में जारी किये नियमों का सरलीकरण किया है। अब पर्यावरण स्वीकृति वाले और तीन वर्ष की अवधि वाले प्रोजेक्ट्स के लिए केवल दो माइलस्टोन 12 और 24 माह पर होंगे। इसी प्रकार जिनमें पर्यावरण स्वीकृति आवश्यक नहीं है और उत्पादन प्रारंभ करने के लिये दो वर्ष का समय दिया गया है, उनके लिए दो माइलस्टोन 12 और 18 माह पर निर्धारित किए गए हैं।


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news