रीको ने औद्योगिक विकास एवं रोजगार सृजन के विजन को आगे बढ़ाते हुए अपनी फ्लेक्सिबल लैंड लीज एवं रेंटल पॉलिसी में आंशिक संशोधन किया है। इस संशोधन का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ उद्योगों के लिए श्रमिक आवास सुविधा (वर्कर्स हाउसिंग फैसिलिटी) की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जिससे उद्योगों को प्रशिक्षित एवं स्थायी श्रमिक मिल सकें और श्रमिकों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित आवास फैक्ट्री के आसपास ही उपलब्ध हो सके। श्रमिक आवास सुविधा के लिये भूमि का आवंटन ई-बिडिंग प्रक्रिया के माध्यम से लाइसेंस आधार पर वर्ष करने का प्रावधान किया गया है। पारस्परिक सहमति और निगम द्वारा उचित समझे जाने पर इस अवधि को 20 वर्ष और बढ़ाया जा सकेगा। प्रारंभिक बोली की आधार दर संबंधित औद्योगिक क्षेत्र की प्रचलित भूमि दर का 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष निर्धारित की गई है। किराया तिमाही आधार पर देय होगा तथा इसमें प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इसके अलावा लंबी अवधि के आवंटन के लिए 2 वर्ष मोरेटोरियम की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसी वर्ष नीति के अंतर्गत प्लग एंड प्ले, स्पोर्ट्स, ईवी चार्जिंग स्टेशन, नर्सरी, ग्रामीण हाट, मैरिज गार्डन तथा मसाला चौक जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। रीको के विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक आवास की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए अब इस नीति में वर्कर्स हाउसिंग फैसिलिटी को भी शामिल किया गया है जिसके लिये रीको औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्ड नियोजित किये जायेंगे। रीको के एमडी सुरेश कुमार ओला ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक आवास उपलब्ध होने से फैक्ट्रियों की उत्पादकता और श्रमिकों के स्थायित्व में वृद्धि होगी। उद्योगों को कुशल एवं नियमित कार्यबल उपलब्ध रहेगा तथा बड़े औद्योगिक निवेश और उत्पादन क्षमता को भी बढ़ावा मिलेगा।