मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर शुरू की गई राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स) -2024 प्रदेश के लिए लाभदायक सिद्द हो रही है। निवेश प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से निरंतर नए उद्योग लग रहे हैं और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के अनुदान दिए जा रहे हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) की बैठक में कुल 25 से अधिक उद्यमों को विभिन्न परिलाभ स्वीकृत किए गए हैं। इन उद्यमों द्वारा 2,661 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिसके माध्यम से 2,700 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि एसएलएससी की बैठक में एसेट क्रिएशन इन्सेन्टिव, थ्रस्ट बूस्टर, ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट, ग्रीन इन्सेन्टिव जैसे विविध परिलाभ स्वीकृत किए गए हैं। अब इन्हें चरणबद्ध रूप से यह परिलाभ दिए जाएंगे। इस स्वीकृति समिति में 25 करोड़ रुपये से अधिक निवेश राशि वाले उद्यमों को मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज सहित ग्रीन इन्वेस्टमेंट, एक्सपोर्ट प्रमोशन, ट्रेनिंग तथा स्किलिंग के लिए परिलाभ दिया दिए जाते हैं। सक्सेना ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत राज्य में उद्योग और व्यापार स्थापना को और अधिक आसान कर दिया गया है। आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रियाओं को डिजिटल कर दिया गया है। साथ ही, जिला और राज्य स्तर की स्वीकृति समितियों की बैठकों का नियमित आयोजन किया जा रहा है।