राज्य सरकार राज्य के टूरिज्म प्रचार-प्रसार को जयपुर तक सीमित रखने के बजाय अब क्षेत्रीय पर्यटन केंद्रों को भी नेशनल स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसी रणनीति के तहत इस वर्ष पहली बार मारवाड़ ट्रेवल मार्ट (रूञ्जरू) का आयोजन 20 से 22 सितंबर तक जोधपुर में किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान और मारवाड़-थार क्षेत्र को देश-विदेश के टूरिज्म इंडस्ट्री के प्रमुख मानचित्र पर स्थापित करना है। मारवाड़ ट्रेवल मार्ट के चेयरमैन व जोधाणा होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स सोसायटी के अध्यक्ष जेएम बूब ने बताया कि आयोजन की तैयारियां टूरिज्म डिपार्टमेंट, फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटेलिटी टूरिज्म ऑफ राजस्थान (एफएचटीआर), जोधाणा होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स सोसायटी, ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ जोधपुर और हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन ने शुरू कर दी हैं। मार्ट का आयोजन डालीबाई सर्किल स्थित अमृतम पैलेस में होगा, जबकि 20 सितंबर को ट्रेवल मार्ट का शुभारंभ उम्मेद पैलेस में होगा। अमृतम पैलेस में होटल, पर्यटन और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर से जुड़े 150 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से मारवाड़ के टूरिज्म स्थलों और टूरिज्म प्रोडक्ट्स का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसमें देशभर के टूर ऑपरेटर, ट्रेवल एजेंट, होटल व्यवसायी, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियां, वेडिंग प्लानर, एयरलाइंस प्रतिनिधि और पर्यटन विशेषज्ञ भाग लेंगे। आयोजन के दौरान बी2बी बैठकों, नेटवर्किंग और नए व्यावसायिक समझौतों पर विशेष ध्यान रहेगा। सचिव राजेश सिंघवी के अनुसार मारवाड़ ट्रेवल मार्ट के माध्यम से जोधपुर के साथ-साथ जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, ओसियां, खींवसर, जवाई और थार मरुस्थल जैसे पर्यटन स्थलों को भी व्यापक पहचान मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे हेरिटेज टूरिज्म, लग्जरी टूरिज्म, रूरल टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और डेजर्ट एक्सपीरियंस को नया मार्केट मिलेगा तथा स्थानीय होटल, हस्तशिल्प, परिवहन और अन्य टूरिज्म बेस्ड कारोबारों को भी लाभ होगा। टूरिज्म डिपार्टमेंट का उद्देश्य राज्य के टूरिज्म डवलपमेंट को अधिक संतुलित बनाना है, ताकि जयपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे पारंपरिक गंतव्यों के साथ अन्य क्षेत्रों को भी समान अवसर मिल सकें। मारवाड़ ट्रेवल मार्ट इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। एफएचटीआर के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह शाहपुरा ने बताया कि इसका उद्देश्य राज्य में टूरिज्म को बढ़ावा देना और अनछुए टूरिज्म स्थलों को खोलना है। हम इस कार्यक्रम में देश भर के प्रमुख टूर ऑपरेटरों और ट्रेवल एजेंटों को आमंत्रित कर रहे हैं। जनवरी-मार्च के लिए ट्यूरिस्ट आगमन के आंकड़ों से पता चलता है कि डोमेस्टिक ट्यूरिस्ट ने बड़े पैमाने पर राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों का दौरा किया, जबकि इंटरनेशनल ट्यूरिस्ट इसके किलों, महलों, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और वन्यजीव आकर्षणों की ओर आकर्षित हुए। हालांकि ये टूरिस्ट स्पॉट लोकप्रिय बने रहेंगे, लेकिन कम प्रसिद्ध स्थानों को बढ़ावा देकर ट्यूरिस्टों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। शाहपुरा ने आगे कहा कि इस वर्ष जनवरी में टूरिज्म डिपार्टमेंट ने हाड़ौती क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कोटा में हाड़ौती ट्रेवल मार्ट का आयोजन किया गया था।