जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के तत्वावधान में भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सहयोग से रैंप (एमएसएमई के प्रदर्शन को बेहतर और तेज बनाना) कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) जागरूकता कार्यशाला का आयोजन जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सभागार में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को राज्य एवं केन्द्र सरकार की नवीनतम औद्योगिक नीतियों, प्रोत्साहन योजनाओं तथा व्यवसाय विस्तार के अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराना था। जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग लोहिया ने कहा कि वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा एवं बदलते औद्योगिक परिदृश्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए समय-समय पर लागू होने वाली सरकारी नीतियों, योजनाओं एवं प्रोत्साहनों की समुचित जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। आज उद्योग केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता, नवाचार, ऊर्जा दक्षता एवं निर्यात क्षमता पर भी समान रूप से ध्यान देना समय की मांग है। ऐसे में इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाएं उद्यमियों को नवीनतम नीतिगत परिवर्तनों एवं व्यवसाय विस्तार के अवसरों से जोडऩे का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है, जो सकल घरेलू उत्पाद में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, औद्योगिक उत्पादन, निवेश वृद्धि, नवाचार एवं निर्यात संवर्धन में अहम भूमिका निभा रहा है। राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति देने तथा स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न नीतियों एवं प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। कार्यशाला के मुख्य वक्ता पंकज कुमार ने राजस्थान एमएसएमई पॉलिसी-2024, एक जिला एक उत्पाद पॉलिसी-2024, राजस्थान एक्सपोर्ट पॉलिसी-2024, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन, ग्रीन एनर्जी एवं ऊर्जा दक्षता, गुणवत्ता सुधार, डिजिटलीकरण तथा एमएसएमई इकाइयों के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि राजस्थान एमएसएमई पॉलिसी-2024 के अंतर्गत उद्योगों को पूंजी निवेश, ब्याज अनुदान, बिजली शुल्क में राहत, स्टाम्प ड्यूटी छूट तथा अन्य अनेक प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर उद्योग अपनी प्रतिस्पर्धा क्षमता को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने राजस्थान एक्सपोर्ट पॉलिसी-2024 की जानकारी देते हुए निर्यातकों को उपलब्ध सहायता, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी, निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं, उत्पाद गुणवत्ता प्रमाणन तथा वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। आज के समय में उद्योगों के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन अत्यंत आवश्यक है। आधुनिक मशीनरी, ऑटोमेशन, डिजिटल तकनीकों एवं नवाचार को अपनाकर उत्पादन लागत कम की जा सक ती है तथा उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।