राज्य सरकार ने राज्य की टेक्सटाइल इंडस्ट्री और एक्सपोर्ट को नई गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट ने प्रदेश स्तर पर एक समर्पित टेक्सटाइल सेल का गठन किया है। साथ ही पहली बार राज्य और जिला स्तर पर टेक्सटाइल एक्सपोर्ट एक्शन प्लान तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य एक्सपोर्ट बढ़ाना, उद्योगों की समस्याओं का समाधान करना और ग्लोबल मार्केट में राजस्थान की हिस्सेदारी मजबूत करना है। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के अनुसार, नवगठित टेक्सटाइल सेल राज्य के टेक्सटाइल इंडस्ट्री के साथ मिलकर कार्य करेगी। यह सेल इंडस्ट्रीज में आने वाली बाधाओं की पहचान करेगी, आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी तथा एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा औद्योगिक क्लस्टरों का दौरा, उद्यमियों, एक्सपोर्टर और विशेषज्ञों से संवाद, देश-विदेश के सफल टेक्सटाइल हब का अध्ययन तथा नेशनल एवं इंटरनेशनल एग्जीबिशन्स में भागीदारी का समन्वय भी करेगी। राज्य सरकार ने सात चैंपियन जिलों अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौडग़ढ़, जोधपुर और कोटा के साथ श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर और चूरू जैसे एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट के लिए भी अलग-अलग एक्सपोर्ट कार्ययोजनाएं तैयार की हैं। इन योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक जिले की प्रोडक्शन कैपेसिटी और एक्सपोर्ट संभावनाओं के अनुरूप रणनीति बनाई जाएगी। राजस्थान ने अपनी रणनीति को केंद्र सरकार के वर्ष 2030 तक 100 बिलियन डॉलर के टेक्सटाइल एवं अपैरल एक्सपोर्ट के लक्ष्य के अनुरूप तैयार किया है। राज्य ने इसी अवधि में अपने टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को तीन से चार गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में राजस्थान के कुल एक्सपोर्ट में टेक्सटाइल और संबद्ध उत्पादों की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। वर्ष 2024-25 में राज्य का कुल एक्सपोर्ट 97,171 करोड़ रुपए से अधिक रहा, जिसमें टेक्सटाइल एवं एलाइड प्रोडक्ट्स का योगदान करीब 13,500 करोड़ रुपए रहा, जो कुल एक्सपोर्ट का 13 प्रतिशत से अधिक है। राज्य सरकार टेक्सटाइल क्षेत्र को राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (क्रढ्ढक्कस्) के तहत प्राथमिकता क्षेत्र का दर्जा देकर निवेश को भी प्रोत्साहित कर रही है। राजस्थान देश के कुल वूल प्रोडक्शन का करीब 47 प्रतिशत प्रोडक्शन करता है और कॉटन प्रोडक्शन में भी अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य में 1,800 से अधिक टेक्सटाइल एवं अपैरल इकाइयां संचालित हैं, जिससे यह क्षेत्र रोजगार और एक्सपोर्ट दोनों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है। गारमेंट एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (गियर) के अध्यक्ष रक्षित पोद्दार के अनुसार जयपुर में गारमेंट की करीब 1200 युनिट्स कार्यरत है, जिनके माध्यम से सालाना 7000 करोड़ रुपए से अधिक का एक्सपोर्ट किया जाता है। सेल के गठन से निश्चित तौर पर गारमेंट इंडस्ट्री के एक्सपोर्ट को बूस्ट मिलेगा।