जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अनुसार 79 हजार करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित राजस्थान रिफाइनरी को राष्ट्र को समर्पित करने तथा जोधपुर एयरपोर्ट के नवीन टर्मिनल भवन के उद्घाटन के साथ 4 जुलाई का दिन पश्चिमी राजस्थान के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। यह अवसर क्षेत्र के औद्योगिक, आर्थिक, व्यापारिक एवं आधारभूत विकास के नए युग का शुभारंभ सिद्ध होगा। जेआईए अध्यक्ष अनुराग लोहिया ने बताया कि राजस्थान रिफाइनरी का राष्ट्र को समर्पण पश्चिमी राजस्थान की औद्योगिक प्रगति को नई दिशा देगा, वहीं जोधपुर एयरपोर्ट का अत्याधुनिक टर्मिनल क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पश्चिमी राजस्थान को विकास की ऐतिहासिक सौगातें मिली हैं, जिसके लिए समूचा औद्योगिक जगत उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि जोधपुर एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट घोषित किया जाना चाहिए। साथ ही, इंटरनेशनल एयरपोर्ट की घोषणा होने तक जोधपुर एयरपोर्ट पर हब-एंड-स्पोक मॉडल लागू किया जाना चाहिए, जिससे विदेश जाने वाले यात्रियों का इमिग्रेशन क्लियरेंस एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं जोधपुर में ही पूर्ण हो सकें। इससे यात्रियों को दिल्ली, मुंबई एवं अन्य महानगरों में अनावश्यक समय व्यतीत नहीं करना पड़ेगा तथा पश्चिमी राजस्थान को इंटरनेशनल उड़ानों से बेहतर एवं सुगम हवाई संपर्क प्राप्त होगा। इसके परिणामस्वरूप क्षेत्र के उद्योग, व्यापार, एक्सपोर्ट एवं टूरिज्म को ग्लोबल स्तर पर नई पहचान मिलेगी तथा निवेश एवं आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व गति प्राप्त होगी। जेआईए सचिव सोनू भार्गव ने बताया कि जोधपुर पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख औद्योगिक, एक्सपोर्ट एवं टूरिज्म का सेंटर है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुविधा एवं हब-एंड-स्पोक मॉडल लागू होने से हैंडीक्राफ्ट, फर्नीचर, रक्षा उत्पादन, टूरिज्म तथा अन्य निर्यातोन्मुख उद्योगों को व्यापक लाभ मिलेगा। इससे न केवल क्षेत्र की ग्लोबल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे पश्चिमी राजस्थान के समग्र आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।