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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

20-07-2026

जून 2026 क्वार्टर भीलवाड़ा बेस्ड संगम (इंडिया) का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 19 गुना उछला

  •  जून 2026 क्वार्टर में भीलवाड़ा बेस्ड टेक्सटाइल कंपनी संगम (इंडिया) लिमिटेड ने कंसोलिडेटेड स्तर पर मजबूत प्रदर्शन करते हुए फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की शानदार शुरुआत की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 8.9 फीसदी बढक़र 860.35 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 789.77 करोड़ था। वहीं नेट प्रॉफिट में सबसे बड़ी छलांग देखने को मिली। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट पिछले साल के 2.13 करोड़ से बढक़र 41.02 करोड़ हो गया, यानी सालाना आधार पर करीब 19 गुना की वृद्धि दर्ज हुई। कंपनी के नतीजे बताते हैं कि कारोबार में सुधार के साथ ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत हुआ है। टोटल इनकम बढक़र 867.28 करोड़ रही, जबकि टोटल एक्सपेंस 810.47 करोड़ रहा। इसके चलते एक्सेप्शनल आइटम से पहले प्रॉफिट बिफोर टैक्स 4.19 करोड़ से बढक़र 56.81 करोड़ हो गया। वहीं टैक्स के बाद प्रॉफिट 41.02 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में कई गुना अधिक है। कंपनी की प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बेसिक ईपीएस पिछले साल के 0.42 रुपये से बढक़र 8.16 रुपये हो गया। इससे साफ है कि प्रॉफिट में आई तेजी का सीधा फायदा शेयरधारकों की कमाई पर भी दिखाई दिया है। नतीजों के साथ कंपनी ने भविष्य की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का भी ऐलान किया है। बोर्ड ने लगभग 1,500 करोड़ के कैपेक्स को मंजूरी दी है। इस निवेश के जरिए कंपनी मार्च 2029 तक कॉटन यार्न, ओपन-एंड यार्न, डेनिम फैब्रिक, डेनिम गारमेंटिंग, रिसाइकल्ड पॉलिएस्टर फाइबर और सिंथेटिक प्रोसेसिंग क्षमता में बड़ा एक्सपेंशन करेगी। कंपनी का कहना है कि यह निवेश बढ़ती डिमांड को पूरा करने, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने, ऑटोमेशन बढ़ाने और कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस हासिल करने के उद्देश्य से किया जाएगा। एक्सपेंशन के साथ कंपनी ने पूंजी जुटाने का भी फैसला लिया है। बोर्ड ने प्रमोटर और प्रमोटर गु्रप को प्रेफरेंशियल बेसिस पर 18 लाख वारंट जारी करने को मंजूरी दी है। 555.56 प्रति वारंट के हिसाब से कंपनी करीब 100 करोड़ जुटाएगी। यह राशि एक्सपेंशन प्रोजेक्ट और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं को गति देने में इस्तेमाल की जाएगी। कंपनी के मौजूदा प्लांट पहले से ही 90 फीसदी से 95 फीसदी से अधिक कैपेसिटी यूटिलाइजेशन पर चल रहे हैं। ऐसे में नया कैपेक्स केवल क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत भी है कि कंपनी आने वाले वर्षों में घरेलू और निर्यात बाजारों में बढ़ती डिमांड का लाभ उठाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के सीएफओ सीए एस.आर.दाखेरा के मुताबिक जून क्वार्टर के नतीजे यह दिखाते हैं कि संगम इंडिया केवल रेवेन्यू ग्रोथ पर नहीं, बल्कि मार्जिन सुधार और प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने पर भी सफल रही है। मजबूत कंसोलिडेटेड प्रॉफिट, बेहतर ईपीएस, 1,500 करोड़ के कैपेक्स प्लान और 100 करोड़ की फंड रेजिंग को देखते हुए कंपनी ने नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत सकारात्मक संकेतों के साथ की है।

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जून 2026 क्वार्टर भीलवाड़ा बेस्ड संगम (इंडिया) का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 19 गुना उछला

 जून 2026 क्वार्टर में भीलवाड़ा बेस्ड टेक्सटाइल कंपनी संगम (इंडिया) लिमिटेड ने कंसोलिडेटेड स्तर पर मजबूत प्रदर्शन करते हुए फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की शानदार शुरुआत की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 8.9 फीसदी बढक़र 860.35 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 789.77 करोड़ था। वहीं नेट प्रॉफिट में सबसे बड़ी छलांग देखने को मिली। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट पिछले साल के 2.13 करोड़ से बढक़र 41.02 करोड़ हो गया, यानी सालाना आधार पर करीब 19 गुना की वृद्धि दर्ज हुई। कंपनी के नतीजे बताते हैं कि कारोबार में सुधार के साथ ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत हुआ है। टोटल इनकम बढक़र 867.28 करोड़ रही, जबकि टोटल एक्सपेंस 810.47 करोड़ रहा। इसके चलते एक्सेप्शनल आइटम से पहले प्रॉफिट बिफोर टैक्स 4.19 करोड़ से बढक़र 56.81 करोड़ हो गया। वहीं टैक्स के बाद प्रॉफिट 41.02 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में कई गुना अधिक है। कंपनी की प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बेसिक ईपीएस पिछले साल के 0.42 रुपये से बढक़र 8.16 रुपये हो गया। इससे साफ है कि प्रॉफिट में आई तेजी का सीधा फायदा शेयरधारकों की कमाई पर भी दिखाई दिया है। नतीजों के साथ कंपनी ने भविष्य की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का भी ऐलान किया है। बोर्ड ने लगभग 1,500 करोड़ के कैपेक्स को मंजूरी दी है। इस निवेश के जरिए कंपनी मार्च 2029 तक कॉटन यार्न, ओपन-एंड यार्न, डेनिम फैब्रिक, डेनिम गारमेंटिंग, रिसाइकल्ड पॉलिएस्टर फाइबर और सिंथेटिक प्रोसेसिंग क्षमता में बड़ा एक्सपेंशन करेगी। कंपनी का कहना है कि यह निवेश बढ़ती डिमांड को पूरा करने, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने, ऑटोमेशन बढ़ाने और कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस हासिल करने के उद्देश्य से किया जाएगा। एक्सपेंशन के साथ कंपनी ने पूंजी जुटाने का भी फैसला लिया है। बोर्ड ने प्रमोटर और प्रमोटर गु्रप को प्रेफरेंशियल बेसिस पर 18 लाख वारंट जारी करने को मंजूरी दी है। 555.56 प्रति वारंट के हिसाब से कंपनी करीब 100 करोड़ जुटाएगी। यह राशि एक्सपेंशन प्रोजेक्ट और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं को गति देने में इस्तेमाल की जाएगी। कंपनी के मौजूदा प्लांट पहले से ही 90 फीसदी से 95 फीसदी से अधिक कैपेसिटी यूटिलाइजेशन पर चल रहे हैं। ऐसे में नया कैपेक्स केवल क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत भी है कि कंपनी आने वाले वर्षों में घरेलू और निर्यात बाजारों में बढ़ती डिमांड का लाभ उठाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के सीएफओ सीए एस.आर.दाखेरा के मुताबिक जून क्वार्टर के नतीजे यह दिखाते हैं कि संगम इंडिया केवल रेवेन्यू ग्रोथ पर नहीं, बल्कि मार्जिन सुधार और प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने पर भी सफल रही है। मजबूत कंसोलिडेटेड प्रॉफिट, बेहतर ईपीएस, 1,500 करोड़ के कैपेक्स प्लान और 100 करोड़ की फंड रेजिंग को देखते हुए कंपनी ने नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत सकारात्मक संकेतों के साथ की है।


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