मरूधरा टैक्स बार एसोसिएशन, पश्चिमी राजस्थान एवं आयकर अपीलीय अधिकरण बार एसोसिएशन जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में कराधान एवं कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। मरूधरा टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पीएम चोपड़ा ने बताया कि सेमिनार का शुभारंभ मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. विनीत कोठारी द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता न्यायिक अनुसंधान कर प्रशासन एवं विवाद निवारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, लेकिन इसका उपयोग संविधान एवं नैतिक मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। मुख्य आयकर आयुक्त कंवलजीत सिंह ने आयकर प्रशासन में डिजिटलीकरण, पारदर्शिता एवं स्वैच्छिक अनुपालन पर अपने विचार रखें। तकनीकी सत्रों में डॉ. एसएल जैन, सीए राजेश मेहता, सीए नवीन बलोदिया, सीए अंकित सोमानी, सीए रघुवीर पूनिया, सीए पीयूष चोपड़ा, अधिवक्ता प्रेरणा चोपड़ा व सीए निखिल झंवर ने प्रत्यक्ष कर, जीएसटी, श्रम कानून तथा कृत्रिम बुद्धिमता के व्यावहारिक उपयोग पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिए। एआई सत्र की अध्यक्षता ए.एल.गहलोत व जीएसटी सत्र की अध्यक्षता ओ.एस.आशिया ने की। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए सीए अनिल कुमार जैन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता अब फ्यूचर नहीं बल्कि वर्तमान की आवश्यकता है और पेशेवरों को नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा।