राजस्थान का हाड़ौती अंचल अब केवल धनिया प्रोडक्शन के लिए ही नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले लहसुन के कारण भी देश और विदेश के मार्केट्स में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में उत्पादित लहसुन की डिमांड लगातार बढऩे से क्षेत्र के किसानों और एक्सपोर्टर को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। हाल के वर्षों में कई एक्सपोर्ट्रों ने हाड़ौती के लहसुन की आपूर्ति अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, मलेशिया, ताइवान और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों में शुरू की है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाड़ौती के लहसुन की बड़ी गांठ, तेज सुगंध, बेहतर स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ इसे इंटरनेशनल खरीदारों के बीच लोकप्रिय बना रही है। यूरोपीय और खाड़ी देशों में उच्च गुणवत्ता वाले इंडियन लहसुन की मांग बढऩे से इंडिया के एक्सपोर्ट को भी गति मिली है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर उत्पादन और लाभकारी कीमतों के कारण हाड़ौती के किसानों का रुझान भी तेजी से लहसुन की खेती की ओर बढ़ा है। पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में धनिया की खेती का रकबा घटा है, जबकि लहसुन की खेती में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। किसानों का मानना है कि लहसुन में अधिक उत्पादन और बेहतर आमदनी मिलने से यह नकदी फसल के रूप में उभर रही है। इंडस्ट्री के विशेषज्ञों के अनुसार हाड़ौती क्षेत्र के लहसुन में पाए जाने वाले अनूठे स्वाद और फ्लेवर के कारण यह विदेशी खरीदारों की पहली पसंद है, जिस कारण इसका एक्सपोर्ट सात समुद्र पार अन्य देशों में भी होता है। इस लहसुन का इस्तेमाल केवल साबुत कंद के रूप में ही नहीं, बल्कि फ्लेक्स, पेस्ट और पाउडर के रूप में भी देश-विदेश के मार्केट्स में किया जा रहा है। एक्सपोर्ट कारोबार से जुड़े उद्यमियों का कहना है कि यदि आधुनिक ग्रेडिंग, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और कंटेनर लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाओं का और विस्तार किया जाए तो हाड़ौती का लहसुन ग्लोबल मार्केट में और मजबूत पहचान बना सकता है। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ क्षेत्र में एग्री बेस्ड उद्योगों और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन के महामंत्री महेश खंडेलवाल के अनुसार प्रदेश में सबसे ज्यादा लहसुन का उत्पादन हाड़ौती संभाग में होता है और विश्व का सबसे बड़ा लहसुन बिक्री केंद्र भी कोटा की भामाशाह कृषि उपज मंडी ही है। मंडी में आवक कम होने के चलते लगातार दाम भी बढ़ रहे हैं। मंडी में 5000 रुपए से लेकर 20,000 रुपए प्रति क्विंटल तक लहसुन बिक रहा है। वहीं हाई क्वालिटी एक्सपोर्ट माल की कीमत 18,000 से 20,000 रुपए प्रति क्विंटल तक हो गई है। भामाशाह मंडी में प्रतिदिन 7000 से 8000 लहसुन के कट्टों की आवक हो रही है।