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02-06-2026

देसी घी एवं दूध पाउडर की लागत बढ़ी, जून तेजी वाला रहेगा

  •  इस बार उत्तर भारत में जल्दी दूध घट गया है, जिससे दुग्ध उत्पादों की शॉर्टेज बन गई है। यही कारण है कि लिक्विड दूध के भाव बढऩे से देसी घी दूध पाउडर एवं बटर का उत्पादन लागत महंगा हो गया है। जून में शादियों का की मांग बढऩे वाली है, इस स्थिति में 10/15 रुपए प्रति किलो की उक्त दोनों उत्पादों में तेजी आ जाएगी। एसएमसी फूड्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया कि यूपी हरियाणा पंजाब राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के प्लांटों में कच्चे दूध की आपूर्ति चालू माह के अंतराल 25 प्रतिशत घट गई, जिससे चार रुपए बढक़र 62/63 रुपए प्रति लीटर में बढिय़ा लिक्विड दूध निर्माता कंपनियों को खरीदना पड़ रहा है। हम मानते हैं कि ग्लोबल ट्रेड की स्थिति मिडिल ईस्ट देशों में युद्ध के चलते बिगड़ गई है, लेकिन यूरोपीय एवं यूएई सहित अन्य देशों में बटर एवं दूध पाउडर के ऊंचे भाव होने से घरेलू मांग की अपेक्षा अंतर्राष्ट्रीय मांग उक्त दोनों उत्पादों में बनी हुई है। यही कारण है कि किसी भी निर्माता कंपनी के पास बढिय़ा देसी घी, बटर एवं दूध पाउडर का स्टॉक नहीं होने से घटाकर बिकवाल नहीं आ रहे हैं। अगले महीने उत्तर भारत में शादियों का जोर रहेगा तथा लिक्विड दूध ऊंचे भाव के खरीदने से दूध पाउडर का पड़ता 235 रुपए प्रति किलो से कम का नहीं पड़ रहा है, केवल घरेलू मांग अनुकूल नहीं होने से बाजार यहां 220/228 रुपए प्रति किलो के बीच टिका हुआ है तथा सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार दक्षिण भारत के दूध पाउडर 280/290 रुपए प्रति किलो के आसपास चल रहे हैं, जो उत्तर भारत में पैकिंग के लिए नहीं आ रहे हैं, उनकी खपत साउथ में ही पूरी हो रही है तथा महाराष्ट्र से कुछ निर्यातक भी माल खरीद रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में हाल ही में दूध बटर के भाव 5600 डॉलर प्रति टन के आसपास पहुंच गए हैं तथा दूध पाउडर 3600-3625 डॉलर प्रति टन के आसपास मजबूती लिए घूम रहे हैं। किसी भी फेडरेशन के पास ज्यादा माल नहीं है, इसलिए देसी घी, बटर एवं दूध पाउडर में अगले महीने 10-15 रुपए प्रति किलो की तेजी लग रही है। परम डेयरी लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि यूपी के बुलंदशहर सियाना सहारनपुर कासगंज अलीगढ़ खुर्जा सहित मध्य यूपी में भी लिक्विड दूध की आपूर्ति चालू सप्ताह की गर्मी से बहुत ही कम रह गई है, जिससे लिक्विड दूध की खरीद में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हम मानते हैं की देसी घी एवं दूध पाउडर के भाव टिके हुए हैं, लेकिन इसका मुख्य कारण मिलावटी माल धड़ल्ले से बिकना है। सरकार का मिलावटियों पर शिकंजा पूरी तरह से कसा नहीं जा रहा है।, जिस कारण हलुवाइयों से लेकर दिल्ली के दूर दराज मंडियों एवं कॉलोनियों में मिलावटी देसी घी की पैकिंग एवं बिक्री धड़ले से हो रही है। फिलहाल वीएलसी का दूध 63 रुपए प्रति लीटर से कम नहीं मिल रहा है तथा इसमें भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। गत वर्ष इन दिनों 55/56 रुपए प्रति लीटर आसानी से दूध मिल रहा था, इन परिस्थितियों में जो प्रीमियम क्वालिटी का देसी घी 9700 रुपए प्रति टीन बिक रहा है, यह 10500 रुपए भविष्य में बिक सकता है तथा दूध पाउडर 380/400 रुपए प्रीमियम क्वालिटी का नया सीजन शुरू होने से पहले बिकने की संभावना बन गई है।

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देसी घी एवं दूध पाउडर की लागत बढ़ी, जून तेजी वाला रहेगा

 इस बार उत्तर भारत में जल्दी दूध घट गया है, जिससे दुग्ध उत्पादों की शॉर्टेज बन गई है। यही कारण है कि लिक्विड दूध के भाव बढऩे से देसी घी दूध पाउडर एवं बटर का उत्पादन लागत महंगा हो गया है। जून में शादियों का की मांग बढऩे वाली है, इस स्थिति में 10/15 रुपए प्रति किलो की उक्त दोनों उत्पादों में तेजी आ जाएगी। एसएमसी फूड्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया कि यूपी हरियाणा पंजाब राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के प्लांटों में कच्चे दूध की आपूर्ति चालू माह के अंतराल 25 प्रतिशत घट गई, जिससे चार रुपए बढक़र 62/63 रुपए प्रति लीटर में बढिय़ा लिक्विड दूध निर्माता कंपनियों को खरीदना पड़ रहा है। हम मानते हैं कि ग्लोबल ट्रेड की स्थिति मिडिल ईस्ट देशों में युद्ध के चलते बिगड़ गई है, लेकिन यूरोपीय एवं यूएई सहित अन्य देशों में बटर एवं दूध पाउडर के ऊंचे भाव होने से घरेलू मांग की अपेक्षा अंतर्राष्ट्रीय मांग उक्त दोनों उत्पादों में बनी हुई है। यही कारण है कि किसी भी निर्माता कंपनी के पास बढिय़ा देसी घी, बटर एवं दूध पाउडर का स्टॉक नहीं होने से घटाकर बिकवाल नहीं आ रहे हैं। अगले महीने उत्तर भारत में शादियों का जोर रहेगा तथा लिक्विड दूध ऊंचे भाव के खरीदने से दूध पाउडर का पड़ता 235 रुपए प्रति किलो से कम का नहीं पड़ रहा है, केवल घरेलू मांग अनुकूल नहीं होने से बाजार यहां 220/228 रुपए प्रति किलो के बीच टिका हुआ है तथा सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार दक्षिण भारत के दूध पाउडर 280/290 रुपए प्रति किलो के आसपास चल रहे हैं, जो उत्तर भारत में पैकिंग के लिए नहीं आ रहे हैं, उनकी खपत साउथ में ही पूरी हो रही है तथा महाराष्ट्र से कुछ निर्यातक भी माल खरीद रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में हाल ही में दूध बटर के भाव 5600 डॉलर प्रति टन के आसपास पहुंच गए हैं तथा दूध पाउडर 3600-3625 डॉलर प्रति टन के आसपास मजबूती लिए घूम रहे हैं। किसी भी फेडरेशन के पास ज्यादा माल नहीं है, इसलिए देसी घी, बटर एवं दूध पाउडर में अगले महीने 10-15 रुपए प्रति किलो की तेजी लग रही है। परम डेयरी लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि यूपी के बुलंदशहर सियाना सहारनपुर कासगंज अलीगढ़ खुर्जा सहित मध्य यूपी में भी लिक्विड दूध की आपूर्ति चालू सप्ताह की गर्मी से बहुत ही कम रह गई है, जिससे लिक्विड दूध की खरीद में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हम मानते हैं की देसी घी एवं दूध पाउडर के भाव टिके हुए हैं, लेकिन इसका मुख्य कारण मिलावटी माल धड़ल्ले से बिकना है। सरकार का मिलावटियों पर शिकंजा पूरी तरह से कसा नहीं जा रहा है।, जिस कारण हलुवाइयों से लेकर दिल्ली के दूर दराज मंडियों एवं कॉलोनियों में मिलावटी देसी घी की पैकिंग एवं बिक्री धड़ले से हो रही है। फिलहाल वीएलसी का दूध 63 रुपए प्रति लीटर से कम नहीं मिल रहा है तथा इसमें भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। गत वर्ष इन दिनों 55/56 रुपए प्रति लीटर आसानी से दूध मिल रहा था, इन परिस्थितियों में जो प्रीमियम क्वालिटी का देसी घी 9700 रुपए प्रति टीन बिक रहा है, यह 10500 रुपए भविष्य में बिक सकता है तथा दूध पाउडर 380/400 रुपए प्रीमियम क्वालिटी का नया सीजन शुरू होने से पहले बिकने की संभावना बन गई है।


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