भारतीय शेयर बाजार में एक दिलचस्प बदलाव दिखाई दे रहा है। कुछ समय पहले तक जहां छोटे निवेशक तेजी से स्मॉलकैप और हाई-रिस्क शेयरों की ओर भाग रहे थे, वहीं अब उनका झुकाव फिर से बड़े और मजबूत कंपनियों की तरफ बढऩे लगा है। बैंकिंग, मेटल, एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर की बड़ी कंपनियां अचानक रिटेल निवेशकों की नई पसंद बन गई हैं। मार्च तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि बाजार में पैसा तो अभी भी आ रहा है, लेकिन निवेशकों की सोच बदल चुकी है। अब ‘जल्दी अमीर बनने’ वाली मानसिकता की जगह ‘सुरक्षित और स्थिर रिटर्न’ की तलाश ने ले ली है। यही कारण है कि HDFC Bank, Reliance Industries, State Bank of India और Wipro जैसी दिग्गज कंपनियों में छोटे निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। आखिर अचानक क्यों बदली निवेशकों की पसंद? : पिछले डेढ़ साल में स्मॉलकैप और माइक्रोकैप शेयरों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कई निवेशकों ने तेजी में पैसा बनाया, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने भारी नुकसान भी झेला। यही अनुभव अब बाजार में ‘सेफ्टी फस्र्ट’ सोच पैदा कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रिटेल निवेशक अब सिर्फ कहानी या सोशल मीडिया ट्रेंड देखकर पैसा लगाने के बजाय कंपनी की बैलेंस शीट, कमाई और भविष्य की स्थिरता पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियां फिर से आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। HDFC Bank बना रिटेल निवेशकों का नया सुपरस्टार : इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा नाम HDFC Bank रहा। मार्च तिमाही में इस बैंक ने लगभग 5.7 लाख नए रिटेल निवेशक जोड़े। दिलचस्प बात यह है कि बैंक का शेयर लगातार दबाव में रहा, फिर भी निवेशकों का भरोसा बढ़ता गया। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह वैल्यूएशन और भरोसा माना जा रहा है। जब बड़े शेयर गिरते हैं, तब अनुभवी निवेशक उन्हें ‘डिस्काउंट पर मिल रहा मौका’ मानते हैं। HDFC Bank के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। निवेशकों को लगा कि लंबी अवधि में यह बैंक फिर से मजबूत प्रदर्शन कर सकता है। कॉपर थीम पर बढ़ा भरोसा : सिर्फ बैंकिंग ही नहीं, मेटल सेक्टर में भी रिटेल निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। Hindustan Copper में करीब 4.8 लाख नए निवेशक जुड़े। दरअसल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टरों में कॉपर की मांग लगातार बढ़ रही है। निवेशकों को लगता है कि आने वाले वर्षों में कॉपर ‘नई अर्थव्यवस्था’ का बेहद महत्वपूर्ण धातु बन सकता है। यही कारण है कि Hindustan Copper जैसे शेयरों में उत्साह देखने को मिला। ITC और Reliance क्यों बने सुरक्षित दांव? : ITC और Reliance Industries जैसे शेयर लंबे समय से भारतीय निवेशकों के ‘विश्वास वाले स्टॉक’ माने जाते हैं। जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तब निवेशक अक्सर ऐसी कंपनियों की ओर लौटते हैं जिनका बिजनेस विविध हो और नकदी प्रवाह मजबूत हो। Reliance में एनर्जी से लेकर टेलीकॉम और रिटेल तक कई बिजनेस हैं, जबकि ढ्ढञ्जष्ट स्नरूष्टत्र और कैश फ्लो के कारण निवेशकों को स्थिरता का एहसास देता है। यही वजह है कि दोनों कंपनियों में रिटेल निवेशकों की संख्या बढ़ी।
