टाटा मोटर्स की पीवी यूनिट टीएमपीवी अपकमिंग सिएरा.ईवी और अविन्या रेंज को केंद्र में रखकर बड़े स्तर पर प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी तैयार कर रही है। कंपनी का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते एसयूवी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना और घरेलू इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में अपनी लीडरशिप बनाए रखना है। टाटा का फोकस हाई मार्जिन वाले एसयूवी और प्रीमियम ईवी सेगमेंट में अपना शेयर बढ़ाने पर है। चूंकि आइस और ईवी दोनों कैटेगरी में कंपीटिशन तेज हो रहा है ऐसे में सेल्स वॉल्यूम बढ़ाने पर ध्यान देने से बात नहीं बनेगी इसलिए टीएमपीपी पोर्टफोलियो डिफरेंशिएशन (अलग-अलग पोजिशनिंग वाले मॉडल), प्रीमियम मॉडल और ईवी शेयर को बचाने पर फोकस बढ़ा रही है। टाटा मोटर्स पीवी प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी गियर ऐसे समय में बदल रही है जब एसयूवी का मार्केट मैच्यॉर हो रहा है और ईवी में कंपीटिशन बढ़ रहा है। भारत के कुल पीवी मार्केट में यूवी का शेयर 67 परसेंट है, जबकि मॉडलों की फुल रेंज उपलब्ध होने के कारण यह ईवी मार्केट भी डेमोक्रेटाइज हो रहा है। टाटा मोटर्स का पीवी मार्केट में लगभग 13 परसेंट शेयर है। कंपनी ने वित्त वर्ष 27 तक इसे बढ़ाकर 16 परसेंट और वित्त वर्ष30 तक 18-20 परसेंट तक पहुंचाने का टार्गेट रखा है। सिएरा.ईवी 19 मई को लॉन्च हो रही है। इसका आइस मॉडल पहले आ चुका है। टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक एसयूवी पोर्टफोलियो में इसे कर्व.ईवी और हैरियर.ईवी के बीच पोजिशन किया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार सिएरा.ईवी को 20-30 लाख रुपये की प्राइस रेंज में पेश किया जाएगा। सिएरा.ईवी का मुकाबला महिंद्रा, ह्यूंदे, एमजी मोटर और मारुति सुजुकी की मिडसाइज इलेक्ट्रिक एसयूवी से होगा। साथ ही कुछ वेरिएंट्स में यह बीवाईडी एट्टो 3 और महिंद्रा बीई 6 के हायर वेरिएंट्स को भी चैलेंज करेगा। एनेलिस्ट कहते हैं कि जैसे-जैसे ईवी मार्केट में प्रीमियम एसयूवी और हाई प्राइस प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रहा है, सिएरा.ईवी टाटा मोटर्स के लिए सबसे स्ट्रेटेजिक लॉन्च बन सकती है। सिएरा.ईवी के साथ-साथ टीएमपीवी अविन्या रेंज पर भी काम कर रही है। अविन्या रेंज को कंपनी लॉन्गटर्म ईवी प्लान के लिए ग्राउंडवर्क के रूप में पेश करेगी। एनेलिस्ट्स के अनुसार कंपनी का प्लान ऐसा प्रीमियम और टेक-रिच ईवी पोर्टफोलियो तैयार करने का है मास-मार्केट इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से आगे बढक़र बेहतर एक्सपीरियंस चाहने वाले बायर को टार्गेट करेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार अविन्या की प्राइस 40 लाख से ऊपर हो सकती है। इससे टाटा मोटर्स ह्यूंदे, किआ, बीवाईडी और ग्लोबल लक्जरी ब्रांड्स के प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी और क्रॉसओवर मॉडलों को सीधे फायरिंग लाइन में ले सकेगी। टीएमपीवी पहले ही अगले पांच वर्ष में पीवी और ईवी बिजनस पर 33,000-35,000 करोड़ के इंवेस्टमेंट प्लान की घोषणा कर चुकी है। इस इंवेस्टमेंट के जरिए कंपनी प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और टेक्नोलॉजी क्षमताओं का विस्तार करना है। हालांकि आधा दर्जन ब्रांड्स मौजूद होने के बावजूद टाटा मोटर्स अभी भी सेल्स वॉल्यूम और मार्केट शेयर के आधार पर ईवी लीडर बनी हुई है लेकिन जिस तरह से पिछले एक वर्ष में नए ईवी लॉन्च में तेजी आई है उससे टाटा मोटर्स की जमीन थोड़ी खिसकी है। फाडा के अनुसार वित्त वर्ष25 में भारत में ईवीपीवी की कुल सेल्स 1.23 लाख यूनिट्स रही थी जो वित्त वर्ष 26 में 1.99 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई। वित्त वर्ष25 में टाटा मोटर्स ने 64276 ईवी बेचे थे जो वित्त वर्ष26 में 43 परसेंट ग्रोथ के साथ 92120 यूनिट्स तक पहुंच गए। टाटा मोटर्स की कुल पीवी सेल्स में ईवी का शेयर करीब 17 परसेंट है। कंपनी के पोर्टफोलियो में 8 से 30 लाख रुपये तक के ईवी मॉडल मौजूद हैं। टाटा मोटर्स पिछले पांच वर्ष में कुल मिलाकर 2.5 लाख से अधिक ईवी बेच चुकी है। हालांकि महिंद्रा, जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर, ह्यूंदे इंडिया और मारुति जैसी कंपनियां मास-मार्केट और प्रीमियम दोनों सेगमेंट्स में आक्रामक इंवेस्टमेंट कर रही है। एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के अनुसार वर्तमान में भारत की कुल पीवी सेल्स में ईवी का शेयर 4.5 परसेंट है।
