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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

05-05-2026

ह्यूंदे का रास्ता देसी दिग्गजों ने रोका

  •  मारुति तो इलीट क्लब में है लेकिन टॉप4 में शामिल बाकी तीन कंपनियों टाटा, महिन्द्रा और ह्यूंदे के बीच गदर मचा है। टाटा और महिन्द्रा के एग्रेसिव हो जाने से ह्यूंदे का नंबर टू पायदान पर करीब तीन दशक से चला आ रहा दबदबा खत्म हो गया है। लेकिन ह्यूंदे जैसी पावरहाउस इतनी आसानी से अपना ग्राउंड लूज नहीं करेगी और इसीलिए कंपनी नये मॉडल्स की फुल रेंज लॉन्च करने के प्लान पर काम कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार ह्यूंदे अगले 12-24 महीनों में ईवी, क्रॉसओवर और मल्टी-पर्पज वेहीकल्स (एमपीवी) सेगमेंट में नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इस प्लान के जरिए ह्यूंदे की कोशिश वित्त वर्ष 2026 में मार्केट शेयर में हुए लॉस को फिर से रिकवर करने की है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी नए बॉडी स्टाइल्स और इलेक्ट्रिक वेहीकल्स के जरिए अपने पोर्टफोलियो में मौजूद गैप्स को भरना चाहती है और अब फोकस केवल मामूली अपडेट्स पर नहीं बल्कि हाई-ग्रोथ सेगमेंट्स में मजबूत उपस्थिति बनाने पर है। कंपनी अब केवल नए वेरिएंट्स जोडऩे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अलग-अलग प्राइस पॉइंट्स पर हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों की रफ्तार को तेज करेगी। वित्त वर्ष26 में ह्यूंदे पैसेंजर वेहीकल मार्केट में चौथे स्थान पर खिसक गई। ह्यूंदे की स्ट्रेटेजी पिछले दशकों में नंबर टू की पोजिशन को पुख्ता बनाए रखने की थी लेकिन टाटा और महिन्द्रा ने उसे टॉप-3 से बाहर कर दिया। वित्त वर्ष 2026 में ह्यूंदे की डोमेस्टिक सेल्स 2.3 परसेंट घटकर 5.84 लाख यूनिट रह गई। कंपनी के सेल्स वॉल्यूम में करेक्शन तब आया है जब पीवी मार्केट इज ऑल गन्स ब्लेजिंग...। जीएसटी कट के बाद पीवी सेल्स में आए हाई टाइड का टाटा और महिन्द्रा ने जमकर फायदा उठाया लेकिन ह्यूंदे मौका चूक गई। पिछले वित्त वर्ष में महिन्द्रा की सेल्स लगभग 19 परसेंट बढ़ी, जबकि टाटा मोटर्स ने लगभग 6 परसेंट की ग्रोथ दर्ज की। इस दौरान ह्यूंदे का मार्केठ शेयर वित्त वर्ष 2022 के 16.3 परसेंट से घटकर वित्त वर्ष 2026 में लगभग 12.3 परसेंट रह गया। ह्यूंदे के पोर्टफोलियो में हैचबैक, सेडान और एसयूवी सेगमेंट्स के मॉडल शामिल हैं जिसमें क्रेटा, वेन्यू, वर्ना, एक्सटर और टूसों शामिल हैं। हालांकि करीब 10 साल बाद भी ह्यूंदे क्रेटा का कोई विकल्प तैयार नहीं कर पाई है। क्रेटा कंपनी के लिए सबसे बड़ा वॉल्यूम ड्राइवर है, जिसकी वित्त वर्ष 2026 में 2,01,921 यूनिट बिकीं। हालांकि एनेलिस्ट्स के अनुसार क्रॉसओवर और एंट्री-लेवल ईवी जैसे सेगमेंट्स में कंपनी की उपस्थिति कमजोर रही है। इन्हीं गैप्स को भरने के लिए कंपनी बायोन जैसे क्रॉसओवर मॉडल भारत में लाने पर विचार कर रही है। इस मॉडल के जरिए ह्यूंदे  मारुति फ्रॉन्क्स पर अटैक करना चाहती है। ईवी पोर्टफोलियो को भी आयोनिक 5 से आगे बढ़ाते हुए आयोनिक6 और किफायती इलेक्ट्रिक हैचबैक इंस्टर जैसे मॉडल पेश किए जा सकते हैं। इसके अलावा, एमपीवी सेगमेंट में स्टारगे•ार के जरिए एंटर करने का प्लान है। एमपीवी सैगमेंट में मारुति अर्टीगा वॉल्यूम प्लेयर है वहीं किआ कैरेन्स भी मजबूती से जमी हुई है। प्रीमियम सेगमेंट में नेक्सट जेन सांता फे को भी लॉन्च किया जा सकता है। इसके साथ ही वर्ना, एक्सटर और टूसों जैसे मॉडलों को अपडेट किया जाएगा, जबकि अपडेटेड आयोनिक5 पहले ही बड़े बैटरी पैक के साथ आ चुकी है। एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के निदेशक पुनीत गुप्ता के अनुसार, ह्यूंदे का मार्केट शेयर पिछले सालों में करीब 16 परसेंट से घटकर लगभग 12 परसेंट रह गया है। कंपनी के लिए अगले 12-18 महीने बहुत अहम हैं क्योंकि नए लॉन्च और लोकलाइजेशन से यह तय होगा की ह्यूंदे फिसलन को रोक पाएगी या नहीं।

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ह्यूंदे का रास्ता देसी दिग्गजों ने रोका

 मारुति तो इलीट क्लब में है लेकिन टॉप4 में शामिल बाकी तीन कंपनियों टाटा, महिन्द्रा और ह्यूंदे के बीच गदर मचा है। टाटा और महिन्द्रा के एग्रेसिव हो जाने से ह्यूंदे का नंबर टू पायदान पर करीब तीन दशक से चला आ रहा दबदबा खत्म हो गया है। लेकिन ह्यूंदे जैसी पावरहाउस इतनी आसानी से अपना ग्राउंड लूज नहीं करेगी और इसीलिए कंपनी नये मॉडल्स की फुल रेंज लॉन्च करने के प्लान पर काम कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार ह्यूंदे अगले 12-24 महीनों में ईवी, क्रॉसओवर और मल्टी-पर्पज वेहीकल्स (एमपीवी) सेगमेंट में नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इस प्लान के जरिए ह्यूंदे की कोशिश वित्त वर्ष 2026 में मार्केट शेयर में हुए लॉस को फिर से रिकवर करने की है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी नए बॉडी स्टाइल्स और इलेक्ट्रिक वेहीकल्स के जरिए अपने पोर्टफोलियो में मौजूद गैप्स को भरना चाहती है और अब फोकस केवल मामूली अपडेट्स पर नहीं बल्कि हाई-ग्रोथ सेगमेंट्स में मजबूत उपस्थिति बनाने पर है। कंपनी अब केवल नए वेरिएंट्स जोडऩे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अलग-अलग प्राइस पॉइंट्स पर हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों की रफ्तार को तेज करेगी। वित्त वर्ष26 में ह्यूंदे पैसेंजर वेहीकल मार्केट में चौथे स्थान पर खिसक गई। ह्यूंदे की स्ट्रेटेजी पिछले दशकों में नंबर टू की पोजिशन को पुख्ता बनाए रखने की थी लेकिन टाटा और महिन्द्रा ने उसे टॉप-3 से बाहर कर दिया। वित्त वर्ष 2026 में ह्यूंदे की डोमेस्टिक सेल्स 2.3 परसेंट घटकर 5.84 लाख यूनिट रह गई। कंपनी के सेल्स वॉल्यूम में करेक्शन तब आया है जब पीवी मार्केट इज ऑल गन्स ब्लेजिंग...। जीएसटी कट के बाद पीवी सेल्स में आए हाई टाइड का टाटा और महिन्द्रा ने जमकर फायदा उठाया लेकिन ह्यूंदे मौका चूक गई। पिछले वित्त वर्ष में महिन्द्रा की सेल्स लगभग 19 परसेंट बढ़ी, जबकि टाटा मोटर्स ने लगभग 6 परसेंट की ग्रोथ दर्ज की। इस दौरान ह्यूंदे का मार्केठ शेयर वित्त वर्ष 2022 के 16.3 परसेंट से घटकर वित्त वर्ष 2026 में लगभग 12.3 परसेंट रह गया। ह्यूंदे के पोर्टफोलियो में हैचबैक, सेडान और एसयूवी सेगमेंट्स के मॉडल शामिल हैं जिसमें क्रेटा, वेन्यू, वर्ना, एक्सटर और टूसों शामिल हैं। हालांकि करीब 10 साल बाद भी ह्यूंदे क्रेटा का कोई विकल्प तैयार नहीं कर पाई है। क्रेटा कंपनी के लिए सबसे बड़ा वॉल्यूम ड्राइवर है, जिसकी वित्त वर्ष 2026 में 2,01,921 यूनिट बिकीं। हालांकि एनेलिस्ट्स के अनुसार क्रॉसओवर और एंट्री-लेवल ईवी जैसे सेगमेंट्स में कंपनी की उपस्थिति कमजोर रही है। इन्हीं गैप्स को भरने के लिए कंपनी बायोन जैसे क्रॉसओवर मॉडल भारत में लाने पर विचार कर रही है। इस मॉडल के जरिए ह्यूंदे  मारुति फ्रॉन्क्स पर अटैक करना चाहती है। ईवी पोर्टफोलियो को भी आयोनिक 5 से आगे बढ़ाते हुए आयोनिक6 और किफायती इलेक्ट्रिक हैचबैक इंस्टर जैसे मॉडल पेश किए जा सकते हैं। इसके अलावा, एमपीवी सेगमेंट में स्टारगे•ार के जरिए एंटर करने का प्लान है। एमपीवी सैगमेंट में मारुति अर्टीगा वॉल्यूम प्लेयर है वहीं किआ कैरेन्स भी मजबूती से जमी हुई है। प्रीमियम सेगमेंट में नेक्सट जेन सांता फे को भी लॉन्च किया जा सकता है। इसके साथ ही वर्ना, एक्सटर और टूसों जैसे मॉडलों को अपडेट किया जाएगा, जबकि अपडेटेड आयोनिक5 पहले ही बड़े बैटरी पैक के साथ आ चुकी है। एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के निदेशक पुनीत गुप्ता के अनुसार, ह्यूंदे का मार्केट शेयर पिछले सालों में करीब 16 परसेंट से घटकर लगभग 12 परसेंट रह गया है। कंपनी के लिए अगले 12-18 महीने बहुत अहम हैं क्योंकि नए लॉन्च और लोकलाइजेशन से यह तय होगा की ह्यूंदे फिसलन को रोक पाएगी या नहीं।


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