चांदी की कीमत में पिछले साल काफी तेजी आई थी। इसके बावजूद चांदी की डिमांड लगातार बढ़ रही है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी वाले देश चीन में चांदी की डिमांड में ऐतिहासिक तेजी देखी जा रही है। देश में मार्च में चांदी का इंपोर्ट पिछले महीने के मुकाबले 78 परसेंट बढक़र 836 टन पहुंच गया। यह मार्च महीने के पिछले 10 साल के औसत से 173 परसेंट ज्यादा है। इस साल चीन में चांदी का इंपोर्ट 1,626 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। चांदी की डिमांड में तेजी की सबसे बड़ी वजह रिटेल इनवेस्टर्स यानी आम लोग हैं। सोना महंगा होने के कारण चीन के लोग सस्ते विकल्प के रूप में चांदी खरीद रहे हैं। साथ ही सोलर मैन्युफैक्चरर्स ने भी एक्सपोर्ट टैक्स छूट को खत्म होने से पहले मार्च में जमकर चांदी का इंपोर्ट किया। यह छूट 1 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। चांदी की कुल सालाना सप्लाई का करीब 20 फीसदी सोलर इंडस्ट्री में खपता है। इस बीच सिल्वर मार्केट लगातार छठे साल डेफिसिट की तरफ बढ़ रहा है। 2026 में ग्लोबल सिल्वर डेफिसिट (डिमांड से कम प्रोडक्शन) पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी बढक़र 46 मिलियन आउंस पहुंचने का अनुमान है। 2021 से अब तक चीन का ग्लोबल स्टॉक 762 मिलियन आउंस कम हो चुका है। इससे फिजिकल सिल्वर मार्केट में शॉर्टेज का खतरा है। इंडस्ट्रियल सिल्वर फैब्रिकेशन में इस साल 3 फीसदी गिरावट की आशंका है। अमेरिका में कॉइन और बार की डिमांड बढ़ी है लेकिन सप्लाई में 2 फीसदी गिरावट का अनुमान है। चीन में चांदी के साथ-साथ सोने का इंपोर्ट भी मार्च में बढ़ा है। इस दौरान चीन ने 162 टन सोने का इंपोर्ट किया जो मार्च 2024 के बाद सबसे ज्यादा है। देश में लगातार तीसरे महीने सोने के इंपोर्ट में तेजी आई है। इस साल चीन 365 टन सोने का इंपोर्ट कर चुका है। इतना ही नहीं चीन के सेंट्रल बैंक ने भी मार्च में 5 टन सोना खरीदा। यह फरवरी, 2025 के बाद सबसे ज्यादा महीने का इंपोर्ट है। चीन के सेंट्रल बैंक ने लगातार 17वें महीने सोने की खरीद की है। इसके साथ ही चीन की आधिकारिक तौर पर होल्डिंग 2,313 टन पहुंच चुकी है।