चीन ने रोबोटैक्सी के लिए नए लाइसेंस पर रोक लगा दी है। क्योंकि बायदू रोबोटैक्सी में बड़ी तकनीकी खामी सामने आने से वुहान शहर में 100 से अधिक रोबोटैक्सी अचानक एक साथ बंद पड़ गईं और पैसेंजर बीच रास्ते फंस गए थे। इस घटना के बाद चीन सरकार ने सिक्यॉरिटी और मॉनिटरिंग सिस्टम को अपग्रेड करने को कहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए लाइसेंस रोकने का मतलब है कि कंपनियां फिलहाल नई रोबोटैक्सी नहीं जोड़ पाएंगी। मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार, 31 मार्च को वुहान की सडक़ों पर बायदू की 100 से अधिक रोबोटैक्सी अचानक रुक गई थीं, जिससे ट्रेफिक जाम हुआ और पैसेंजर को परेशानी हुई। बायदू चीन की सबसे बड़ी रोबोटैक्सी सर्विस है और इसके सैकड़ों वाहन एक दर्जन से अधिक शहरों में चलते हैं। लेकिन जांच पूरी होने तक वुहान में इन्हें बंद कर दिया गया है। सूचो सिक्योरिटीज के अनुमान के अनुसार, 2030 तक रोबोटैक्सी इंडस्ट्री लगभग 12.2 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। चीनी कंपनियां ग्लोबल रोबोटैक्सी मार्केट में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और उनका कंपीटिशन गूगल वाली एल्फावेट की वेमो से है। चीन सरकार एक ओर अमेरिका के मुकाबले स्वदेशी एआई और ऑटोमेशन तकनीक को बढ़ावा देना चाहती है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और रोजगार को लेकर जनता की चिंताओं का भी सामना कर रही है। दो साल पहले वुहान में रोबोटैक्सी के खिलाफ टैक्सी चालकों ने प्रदर्शन किया था। उनका कहना था कि रोबोटैक्सी उनकी नौकरियां छीन सकती हैं। इसके बाद 2024 के अंत में सरकार ने कुछ महीनों के लिए नए परमिट रोक दिए थे और 2025 की शुरुआत में ही मंजूरियां दोबारा शुरू हुई थीं।