महिन्द्रा एंड महिन्द्रा वित्त वर्ष 26 की स्ट्रॉन्ग परफॉर्मेन्स के बाद नेक्स्ट ग्रोथ फेज के लिए प्लान कर रही है। इसमें एसयूवी पोर्टफोलियो का विस्तार, प्रोडक्शन कैपेसिटी और ईवी रेंज नए ग्रोथ ड्राइवर होंगे। डोमेस्टिक सेल्स तो हाई ग्रोथ के रास्ते पर है लेकिन वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग सप्लाई चेन और डिमांड दोनों के लिए बड़ा रिस्क फैक्टर है। कंपनी के ऑटो और फार्म सेक्टर के सीईओ राजेश जेजुरीकर के अनुसार जियो-पॉलिटिकल तनाव शॉर्ट टर्म के लिए बड़ा जोखिम है। इसके बावजूद, कंपनी ने वित्त वर्ष 26 में हाई बेस (वॉल्यूम) पर हाई ग्रोथ हासिल कर झंडे गाड़ दिए। साथ में लगी टेबल के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में महिन्द्रा ने 660276 यूवी की सेल्स की जो वित्त वर्ष25 की 551487 यूनिट्स की सेल्स के मुकाबले पूरे 20 परसेंट की ग्रोथ है। बड़ी बात यह है कि यूवी सैगमेंट में लगातार हॉट हो रहे कंपीटिशन के बावजूद पिछले तीन वित्त वर्ष से कंपनी के मार्केट शेयर में लगातार ग्रोथ हो रही है। जबकि इस दौरान टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी को वॉल्यूम ग्रोथ के बावजूद मार्केट शेयर में लॉस उठाना पड़ा है। यूवी सेगमेंट कंपनी के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बना हुआ है। कंपनी ने वित्त वर्ष 26 में 6.60 लाख यूनिट्स यूवी की सेल्स के साथ 21.26 मार्केट शेयर पर कब्जा किया। मारुति 24.50 परसेंट यूवी मार्केट शेयर के साथ अव्वल है वहीं महिन्द्रा दूसरे पायदान पर है। बढ़ती डिमांड और मजबूत ऑर्डर बुक के चलते कंपनी का वित्त वर्ष 27 में यूवी सेल्स में मिड-टू-हाई-टीन (13 से 19 परसेंट) ग्रोथ का टार्गेट है। चालू वित्त वर्ष में कंपनी अपनी प्रोडक्शन फैसिलिटी में डीबॉटलनैकिंग के जरिए महीने में लगभग 68 हजार यूनिट्स बनाने के प्लान पर आगे बढ़ रही है। कंपनी नागपुर में 15 हजार करोड़ के इंवेस्टमेंट नया प्लांट लगा रही है। महिन्द्रा अब तक करीब 55 हजार इलेक्ट्रिक एसयूवी बेच चुकी है। कंपनी ईवी के जरिए एक्सपोर्ट वॉल्यूम बढ़ाने के प्लान पर भी काम कर रही है। वित्त वर्ष 26 में कंपनी ने 40 हजार से अधिक गाडिय़ां एक्सपोर्ट की थी और इलेक्ट्रिक एसयूवी की भूमिका और बढऩे की संभावना है।
