TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

11-05-2026

सोना, साड़ी, बेरोजगारी भत्ता, लोन माफी...चुनावी वादों से सरकारों पर पड़ेगा 1.7 लाख करोड़ का बोझ

  •  वेस्ट बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में हाल में हुए विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों ने बढ़-चढक़र चुनावी वादे किए थे उनसे सरकारों पर 1.7 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। तमिलनाडु में टीवीके ने 60 साल तक की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, साल में मुफ्त छह एलपीजी सिलिंडर, बुजुर्गों , विधवाओं और दिव्यांगो को हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन, ग्रेजुएट बेरोजगारों को हर महीने 4,000 रुपये और कोऑपरेटिव बैंकों के कृषि लोन माफी का वादा किया है। साथ ही गरीब परिवारों को बेटी की शादी पर 8 ग्राम सोना और सिल्क की एक साड़ी देने का भी वादा थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने किया है। पार्टी के सत्ता में आने पर इन वादों का पूरा करने से  सरकारी खजाने पर सालाना 87,900 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं वेस्ट बंगाल में बीजेपी ने महिलाओं को कैश ट्रांसफर 1,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का वादा गया है। साथ ही पार्टी ने किसानों और बेरोजगार युवाओं को 9,000 रुपये देने और धान का एमएसपी राष्ट्रीय स्तर से 30 परसेंट बढ़ाने का भी वादा किया है। अगर पार्टी इन वादों को पूरा करती है तो इससे राज्य के सरकारी खजाने पर सालाना 72,600 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। केरल के चुनावी वादे को पूरा करने से सरकार पर 8,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। जानकारों का कहना है कि वेस्ट बंगाल में महिलाओं के लिए कैश ट्रांसफर दोगुना करने पर जो खर्च आएगा, वह राज्य की जीडीपी का 3.4 फीसदी तक हो सकता है। वित्त वर्ष 2027 में राज्य का राजकोषीय घाटा 2.9 फीसदी रहने का अनुमान है। इसी तरह तमिलनाडु के मामले में सभी चुनावी वादों पर आने वाला खर्च राज्य की जीडीपी का 2.2 फीसदी होगा। वित्त वर्ष 2027 में तमिलनाडु का राजकोषीय घाटा 3 फीसदी रहने का अनुमान है। एमके ग्लोबल की लीड इकोनॉमिस्ट माधवी अरोड़ा के अनुसार इस तरह की घोषणाओं के कारण 2023 के बाद से राजकोषीय घाटे और जीडीपी रेश्यो में करीब 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि रेवेन्यू खर्च स्थिर बना हुआ है और कैपेक्स ठहरा हुआ है।

Share
सोना, साड़ी, बेरोजगारी भत्ता, लोन माफी...चुनावी वादों से सरकारों पर पड़ेगा 1.7 लाख करोड़ का बोझ

 वेस्ट बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में हाल में हुए विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों ने बढ़-चढक़र चुनावी वादे किए थे उनसे सरकारों पर 1.7 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। तमिलनाडु में टीवीके ने 60 साल तक की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, साल में मुफ्त छह एलपीजी सिलिंडर, बुजुर्गों , विधवाओं और दिव्यांगो को हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन, ग्रेजुएट बेरोजगारों को हर महीने 4,000 रुपये और कोऑपरेटिव बैंकों के कृषि लोन माफी का वादा किया है। साथ ही गरीब परिवारों को बेटी की शादी पर 8 ग्राम सोना और सिल्क की एक साड़ी देने का भी वादा थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने किया है। पार्टी के सत्ता में आने पर इन वादों का पूरा करने से  सरकारी खजाने पर सालाना 87,900 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं वेस्ट बंगाल में बीजेपी ने महिलाओं को कैश ट्रांसफर 1,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का वादा गया है। साथ ही पार्टी ने किसानों और बेरोजगार युवाओं को 9,000 रुपये देने और धान का एमएसपी राष्ट्रीय स्तर से 30 परसेंट बढ़ाने का भी वादा किया है। अगर पार्टी इन वादों को पूरा करती है तो इससे राज्य के सरकारी खजाने पर सालाना 72,600 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। केरल के चुनावी वादे को पूरा करने से सरकार पर 8,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। जानकारों का कहना है कि वेस्ट बंगाल में महिलाओं के लिए कैश ट्रांसफर दोगुना करने पर जो खर्च आएगा, वह राज्य की जीडीपी का 3.4 फीसदी तक हो सकता है। वित्त वर्ष 2027 में राज्य का राजकोषीय घाटा 2.9 फीसदी रहने का अनुमान है। इसी तरह तमिलनाडु के मामले में सभी चुनावी वादों पर आने वाला खर्च राज्य की जीडीपी का 2.2 फीसदी होगा। वित्त वर्ष 2027 में तमिलनाडु का राजकोषीय घाटा 3 फीसदी रहने का अनुमान है। एमके ग्लोबल की लीड इकोनॉमिस्ट माधवी अरोड़ा के अनुसार इस तरह की घोषणाओं के कारण 2023 के बाद से राजकोषीय घाटे और जीडीपी रेश्यो में करीब 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि रेवेन्यू खर्च स्थिर बना हुआ है और कैपेक्स ठहरा हुआ है।


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news