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20-04-2026

बढ़ रही बजट होटल्स की नॉन-रूम रेवेन्यू

  •  हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार देश के बजट और मिड-स्केल होटल्स भी अब नॉन रूम रेवेन्यू में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इंटरनेशनल होटल चेंस तो मल्टीपल रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल, इवेंट स्पेस से मजबूत रेवेन्यू कलैक्शन करते हैं लेकिन अब बजट होटल भी इवेंट स्पेस, रेस्तरां आदि के माध्यम से नॉन रूम रेवेन्यू कलैक्शन को बढ़ा रहे हैं। कुछ होटलों में तो एक से अधिक रेस्तरां भी संचालित किये जा रहे हैं। वेडिंग, सोशियल इवेंट्स के माध्यम से अच्छी आय प्राप्त की जाती है। रियल एस्टेट कन्सल्टेंट्स साविल्स इन्डिया और होटेलीवेट बिल्डिंग स्मार्टर कन्स्ट्रक्शन कॉस्ट इनसाइट्स 2025 रिपोर्ट के अनुसार यह मॉडल अब भारत में काफी बड़ा होता जा रहा है। रिपोर्ट में करीब 150 शहरों के 600 होटलों को शामिल किया गया। बजट सेगमेंट में भी यूरोप या अमेरिका के मुकाबले में ज्यादा होटल्स फूड एंड बेवेरेजेज सर्व कर रहे हैं। होटेलीवेट साविल्स के एक अधिकारी के अनुसार अब यह नया ट्रेंड नहीं है बल्कि उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर खरा उतरने जैसा हो गया है। वे यह उम्मीद करते हैं कि बजट होटल में भी फूड एंड बेवेरेज सर्विस मिल जायेगी। पहले की बात करें तो यह लग्जरी प्रॉपर्टीज तक ही सीमित था। बल्कि फूड एंड बेवेरेज सर्विस ही नहीं, इवेंट स्पेस, लीजर फैसिलिटीज जैसे पूल, स्पा, वेडिंग साइज बैंक्वेट हॉल्स भी शामिल हो रहे हैं।  देश में करीब 2100 ब्राण्डेड होटल हैं, जो प्रसिद्ध होटल चेन या ब्राण्ड्स के तहत ऑपरेट हो रहे हैं। देश में इस प्रकार की सर्विस वाले और होटल शामिल होने की सम्भावना है क्योंकि ऐसी डिमांड मार्केट में बढ़ रही है। उनके अनुसार गु्रप ट्रैवल पर आने वाले, फैमिली ट्यूर करने वाले गेस्ट ऐसे बजट होटल की डिमांड करते हैं, जिनमें रेस्तरां सर्विस हो। एलीवा होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के फाउंडर के अनुसार बड़े शहरों के बाहर भी नॉन रूम रेवेन्यू को बड़े पैमाने पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। होटलों को ऐसे डिजाइन और प्राइस किया जा रहा है। टोटल बिजनेस में नॉन रूम रेवेन्यू करीब साठ प्रतिशत का योगदान कर रहे हैं। मिड मार्केट होटल भी मल्टीपल रेस्तरां, इवेंट स्पेस ऑफर करने लगे हैं। इन मार्केट्स में भी अब केवल रूम ओनली सर्विस वायबल नहीं रही क्योंकि यह तो सीजन के अनुसार ऑक्यूपेंसी पर निर्भर करती है। छोटे शहरों में भी अब केवल रूम सेल नहीं किये जाते बल्कि एक्सपीरियंस सेल किये जाते हैं। ऐसा फूड एंड बेवेरेज आउटलैट, बैंक्वेट स्पेस के माध्यम से किया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि देशभर में होटल रूम ऑक्यूपेंसी करीब 67-68 प्रतिशत है लेकिन एवरेज रूम रेट्स 9000-9100 रुपये तक बढ़ गये हैं। यह करीब आठ से नौ प्रतिशत की वृद्धि है। कुल मिलाकर परिदृश्य ऐसा है कि देश के छोटे शहरों में भी बजट होटल अब वेडिंग वेनू, फूड एंड बेवेरेजेज सर्विस, पूल, स्पा आदि की सुविधा दे रहे हैं ताकि नॉन रूम रेवेन्यू जैनरेट हो और होटल संचालन वायबल बने।

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बढ़ रही बजट होटल्स की नॉन-रूम रेवेन्यू

 हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार देश के बजट और मिड-स्केल होटल्स भी अब नॉन रूम रेवेन्यू में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इंटरनेशनल होटल चेंस तो मल्टीपल रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल, इवेंट स्पेस से मजबूत रेवेन्यू कलैक्शन करते हैं लेकिन अब बजट होटल भी इवेंट स्पेस, रेस्तरां आदि के माध्यम से नॉन रूम रेवेन्यू कलैक्शन को बढ़ा रहे हैं। कुछ होटलों में तो एक से अधिक रेस्तरां भी संचालित किये जा रहे हैं। वेडिंग, सोशियल इवेंट्स के माध्यम से अच्छी आय प्राप्त की जाती है। रियल एस्टेट कन्सल्टेंट्स साविल्स इन्डिया और होटेलीवेट बिल्डिंग स्मार्टर कन्स्ट्रक्शन कॉस्ट इनसाइट्स 2025 रिपोर्ट के अनुसार यह मॉडल अब भारत में काफी बड़ा होता जा रहा है। रिपोर्ट में करीब 150 शहरों के 600 होटलों को शामिल किया गया। बजट सेगमेंट में भी यूरोप या अमेरिका के मुकाबले में ज्यादा होटल्स फूड एंड बेवेरेजेज सर्व कर रहे हैं। होटेलीवेट साविल्स के एक अधिकारी के अनुसार अब यह नया ट्रेंड नहीं है बल्कि उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर खरा उतरने जैसा हो गया है। वे यह उम्मीद करते हैं कि बजट होटल में भी फूड एंड बेवेरेज सर्विस मिल जायेगी। पहले की बात करें तो यह लग्जरी प्रॉपर्टीज तक ही सीमित था। बल्कि फूड एंड बेवेरेज सर्विस ही नहीं, इवेंट स्पेस, लीजर फैसिलिटीज जैसे पूल, स्पा, वेडिंग साइज बैंक्वेट हॉल्स भी शामिल हो रहे हैं।  देश में करीब 2100 ब्राण्डेड होटल हैं, जो प्रसिद्ध होटल चेन या ब्राण्ड्स के तहत ऑपरेट हो रहे हैं। देश में इस प्रकार की सर्विस वाले और होटल शामिल होने की सम्भावना है क्योंकि ऐसी डिमांड मार्केट में बढ़ रही है। उनके अनुसार गु्रप ट्रैवल पर आने वाले, फैमिली ट्यूर करने वाले गेस्ट ऐसे बजट होटल की डिमांड करते हैं, जिनमें रेस्तरां सर्विस हो। एलीवा होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के फाउंडर के अनुसार बड़े शहरों के बाहर भी नॉन रूम रेवेन्यू को बड़े पैमाने पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। होटलों को ऐसे डिजाइन और प्राइस किया जा रहा है। टोटल बिजनेस में नॉन रूम रेवेन्यू करीब साठ प्रतिशत का योगदान कर रहे हैं। मिड मार्केट होटल भी मल्टीपल रेस्तरां, इवेंट स्पेस ऑफर करने लगे हैं। इन मार्केट्स में भी अब केवल रूम ओनली सर्विस वायबल नहीं रही क्योंकि यह तो सीजन के अनुसार ऑक्यूपेंसी पर निर्भर करती है। छोटे शहरों में भी अब केवल रूम सेल नहीं किये जाते बल्कि एक्सपीरियंस सेल किये जाते हैं। ऐसा फूड एंड बेवेरेज आउटलैट, बैंक्वेट स्पेस के माध्यम से किया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि देशभर में होटल रूम ऑक्यूपेंसी करीब 67-68 प्रतिशत है लेकिन एवरेज रूम रेट्स 9000-9100 रुपये तक बढ़ गये हैं। यह करीब आठ से नौ प्रतिशत की वृद्धि है। कुल मिलाकर परिदृश्य ऐसा है कि देश के छोटे शहरों में भी बजट होटल अब वेडिंग वेनू, फूड एंड बेवेरेजेज सर्विस, पूल, स्पा आदि की सुविधा दे रहे हैं ताकि नॉन रूम रेवेन्यू जैनरेट हो और होटल संचालन वायबल बने।


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