कल्याण ज्वैलर्स इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में अपने टोटल रेवेन्यू में 64 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। यह बढ़ोतरी वेडिंग और अपनी पसंद के आभूषणों की ज़ोरदार खरीदारी की वजह से हुई, जबकि सोने की कीमतें अस्थिर बनी रहीं। कंपनी के एक बयान के अनुसार, खुदरा आभूषण विके्रता का गत साल इसी तिमाही में राजस्व 6,222.35 करोड़ रुपये था। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में, कुल राजस्व पिछले साल के मुकाबले लगभग 42 प्रतिशत बढ़ा, पिछले साल कंपनी ने 25,189.66 करोड़ रुपये का सालाना राजस्व दर्ज किया था। भारत में कंपनी के कामकाज से ही ज़्यादातर बढ़ोतरी हुई। मार्च तिमाही में गत साल के मुकाबले राजस्व में 65 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई, और एक ही स्टोर से होने वाली बिक्री में 45 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पूरे साल के लिए घरेलू कारोबार में लगभग 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। अंतरराष्ट्रीय कारोबार, जिसका तिमाही के कुल राजस्व में लगभग 11 प्रतिशत का योगदान था, इस तिमाही में लगभग 45 प्रतिशत बढ़ा। पश्चिम एशिया में राजस्व लगभग 39 प्रतिशत बढ़ा। हालांकि इस इलाके में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव की वजह से मार्च के पहले तीन सप्ताहों में ग्राहकों की आवाजाही में कमी आई। इस तिमाही के दौरान कल्याण ने भारत में 28 नए शोरूम और 14 कैंडेरे बिक्री केन्द्र खोले। हालांकि, कंपनी ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से आपूर्ति में आई रुकावटों के चलते मार्च में कुछ नए स्टोर खोलने की योजना में देरी हुई। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी भारत और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में कुल 507 शोरूम चला रही थी। इनमें भारत में 342 कल्याण स्टोर, पश्चिम एशिया में 38, अमेरिका में दो, ब्रिटेन में एक और 124 कैंडेरे बिक्री केन्द्र शामिल थे।