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14-04-2026

शॉपिंग डिस्काउंट से ज्यादा कन्वीनियंस को प्रिफरेंस दे रहे हैं इन्डियंस

  •  इन्डिया में खरीदारी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। अब उपभोक्ताओं के लिए छूट से ज्यादा सुविधा उनकी खरीदारी का सबसे बड़ा विकल्प बन गया है।  ग्रांट थॉर्नटन भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, 70 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ताओं का कहना है कि वे छूट कम होने पर भी क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म (फटाफट सामान की आपूर्ति करने वाले) का इस्तेमाल जारी रखेंगे। रिपोर्ट में बताया गया कि उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आया है, जहां अब कीमत से ज्यादा तेजी और आसान उपलब्धता को महत्व दिया जा रहा है। लोग अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अध्ययन के अनुसार, करीब 45 प्रतिशत उपभोक्ता क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग आखिरी समय या जरूरी सामान के लिए करते हैं, जबकि 24 प्रतिशत लोग दूध और ब्रेड जैसे रोजमर्रा के सामान के लिए इसका सहारा लेते हैं। वहीं, 19 प्रतिशत उपभोक्ता स्नैक्स और पेय पदार्थ जैसी त्वरित खरीद के लिए इन सेवाओं का उपयोग करते हैं। यह बदलाव पारंपरिक किराना दुकानों को भी प्रभावित कर रहा है।  सर्वेक्षण में 51 प्रतिशत लोगों ने बताया कि गत एक साल में उनकी किराना दुकानों पर निर्भरता कम हुई है। हालांकि, 27 प्रतिशत ने कोई खास बदलाव नहीं बताया और 13 प्रतिशत ने कहा कि वे अब पहले से ज्यादा किराना दुकानों का उपयोग कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बदलती परिस्थितियों को देखते हुए किराना दुकानदार भी खुद को ढालने की कोशिश कर रहे हैं। करीब 40 प्रतिशत दुकानदार क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ जुडऩे के इच्छुक हैं, जबकि 32 प्रतिशत इसमें रुचि रखते हैं लेकिन प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट नहीं हैं। वहीं, 20 प्रतिशत ने कहा कि यदि उन्हें तकनीकी या संचालन संबंधी सहायता मिले तो वे इसमें शामिल हो सकते हैं। यह सर्वेक्षण नेशनल लेवल  पर 1,600 उपभोक्ताओं तथा महानगरों, दूसरी और तीसरी श्रेणी के बाजारों के 1,000 किराना दुकानदारों की राय पर आधारित है।

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शॉपिंग डिस्काउंट से ज्यादा कन्वीनियंस को प्रिफरेंस दे रहे हैं इन्डियंस

 इन्डिया में खरीदारी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। अब उपभोक्ताओं के लिए छूट से ज्यादा सुविधा उनकी खरीदारी का सबसे बड़ा विकल्प बन गया है।  ग्रांट थॉर्नटन भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, 70 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ताओं का कहना है कि वे छूट कम होने पर भी क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म (फटाफट सामान की आपूर्ति करने वाले) का इस्तेमाल जारी रखेंगे। रिपोर्ट में बताया गया कि उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आया है, जहां अब कीमत से ज्यादा तेजी और आसान उपलब्धता को महत्व दिया जा रहा है। लोग अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अध्ययन के अनुसार, करीब 45 प्रतिशत उपभोक्ता क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग आखिरी समय या जरूरी सामान के लिए करते हैं, जबकि 24 प्रतिशत लोग दूध और ब्रेड जैसे रोजमर्रा के सामान के लिए इसका सहारा लेते हैं। वहीं, 19 प्रतिशत उपभोक्ता स्नैक्स और पेय पदार्थ जैसी त्वरित खरीद के लिए इन सेवाओं का उपयोग करते हैं। यह बदलाव पारंपरिक किराना दुकानों को भी प्रभावित कर रहा है।  सर्वेक्षण में 51 प्रतिशत लोगों ने बताया कि गत एक साल में उनकी किराना दुकानों पर निर्भरता कम हुई है। हालांकि, 27 प्रतिशत ने कोई खास बदलाव नहीं बताया और 13 प्रतिशत ने कहा कि वे अब पहले से ज्यादा किराना दुकानों का उपयोग कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बदलती परिस्थितियों को देखते हुए किराना दुकानदार भी खुद को ढालने की कोशिश कर रहे हैं। करीब 40 प्रतिशत दुकानदार क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ जुडऩे के इच्छुक हैं, जबकि 32 प्रतिशत इसमें रुचि रखते हैं लेकिन प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट नहीं हैं। वहीं, 20 प्रतिशत ने कहा कि यदि उन्हें तकनीकी या संचालन संबंधी सहायता मिले तो वे इसमें शामिल हो सकते हैं। यह सर्वेक्षण नेशनल लेवल  पर 1,600 उपभोक्ताओं तथा महानगरों, दूसरी और तीसरी श्रेणी के बाजारों के 1,000 किराना दुकानदारों की राय पर आधारित है।


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