प्रदेश में एंटरप्रेन्योर्स को आसानी से इंडस्ट्रीयल विद्युत कनेक्शन जारी करने के लिए विद्युत वितरण निगमों के सभी संबधित सहायक अभियंताओं एवं कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीनों डिस्कॉम दो माह के भीतर इंजीनियर्स को टर्म्स एंड कंडीशन ऑफ सप्लाई तथा रेगुलेशन नियमों पर प्रशिक्षण देंगे। इसके साथ ही यदि किसी इंडस्ट्रीयल कनेक्शन के आवेदन की फाइल 21 दिन से अधिक लंबित है तो उससे उच्च अधिकारी द्वारा तथा 45 दिन से पेंडिंग आवेदनों की प्रबंध निदेशक के स्तर पर वीडियो कांफ्रेस से साप्ताहिक समीक्षा होगी। चेयरमैन डिस्कॉम्स आरती डोगरा ने तीनों विद्युत वितरण निगमों के अधीक्षण अभियंताओं के साथ वृहद, मध्यम एवं लघु औद्योगिक श्रेणी के विद्युत कनेक्शन आवेदनों पर समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। वीडियो कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के लिए सभी कार्मिकों का समान मैन्यूअल तैयार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए सभी इलीजेबल आवेदनों में शीघ्रता से इंडस्ट्रीयल बिजली कनेक्शन जारी किए जाएं और इसमें किसी तरह की कोताही न हो। चीफ इंजीनियर, अधीक्षण अभियंता तथा अधिशासी अभियंता एनसीएमएस पोर्टल के माध्यम से ऐसे बकाया कनेक्शनों की नियमित समीक्षा करें। चेयरमैन डिस्कॉम्स ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि छोटी-छोटी कमियों के बहाने फाइलों पर अनावश्यक टिप्पणियां कर आवेदनों को लटकाया नहीं जाए। उन्होंने कहा कि आवेदनकर्ता को आवेदन के साथ ही वांछित दस्तावेज एवं कार्यों की चेक लिस्ट सौंपी जाए। आवेदक के स्तर पर कोई कमी है तो उसे तत्काल सूचित करें ताकि वांछित दस्तावेज पूर्ण किए जा सकें। इंडस्ट्रीयल एसोसिएशनों से शेयर की जायेगी लंबित कनेक्शनों की सूची : डोगरा ने कहा कि सर्किल अधीक्षण अभियंता प्रत्येक माह इंडस्ट्रीयल एसोसिएशनों के साथ बैठक कर उस माह बकाया इंडस्ट्रीयल कनेक्शन आवेदनों की सूची साझा करें। बैठक में इंडस्ट्रीयल फीडर पर बिजली ट्रिपिंग की संख्या, समय तथा आपूर्ति बहाल करने में लगे समय की भी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि अधीक्षण अभियंता इंडस्ट्रीयल फीडरों पर ट्रिपिंग कम करने का प्लान तैयार कर जोनल मुख्य अभियंता को प्रस्तुत करें। डोगरा ने सर्किलवार सभी सुपरिडेंटिंग इंजीनियरों से बकाया इंडस्ट्रीयल कनेक्शनों पर समीक्षा की और नियमित मॉनीटरिंग के निर्देश दिए।