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05-05-2026

जयपुर में ‘बिजऩेस सक्सेशन प्लानिंग के 5वें संस्करण’ का लोकार्पण

  •  राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं उत्तराधिकार विशेषज्ञ रवि ममोडिय़ा की पुस्तक ‘बिजनेस सक्सेशन प्लानिंग (5वां संस्करण)’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपस्थित एसोचैम के चेयरमैन सीए हिमांशु गोयल ने भी अपने विचार साझा करते हुए पारिवारिक व्यवसायों में संरचित उत्तराधिकार योजना के बढ़ते महत्व पर बल दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जैसे देश में, जहां पारिवारिक व्यवसाय अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं, वहां विरासत, मूल्यों और सुशासन का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।  उन्होंने कहा कि पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और संस्थागत शासन को भी समान रूप से सुदृढ़ करना होगा।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि उत्तराधिकार प्रक्रिया सतह पर भले ही सहज प्रतीत होती हो, लेकिन वास्तविक चुनौती उसके ट्रांजिशन फेज में निहित होती है। रवि ममोडिय़ा ने अपनी पुस्तक के माध्यम से स्पष्ट किया कि उत्तराधिकार योजना केवल संपत्ति या व्यवसाय के हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार की विचारधारा, मूल्यों और दीर्घकालिक दृष्टि को व्यवस्थित रूप से अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की एक सतत प्रक्रिया है।

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जयपुर में ‘बिजऩेस सक्सेशन प्लानिंग के 5वें संस्करण’ का लोकार्पण

 राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं उत्तराधिकार विशेषज्ञ रवि ममोडिय़ा की पुस्तक ‘बिजनेस सक्सेशन प्लानिंग (5वां संस्करण)’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपस्थित एसोचैम के चेयरमैन सीए हिमांशु गोयल ने भी अपने विचार साझा करते हुए पारिवारिक व्यवसायों में संरचित उत्तराधिकार योजना के बढ़ते महत्व पर बल दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जैसे देश में, जहां पारिवारिक व्यवसाय अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं, वहां विरासत, मूल्यों और सुशासन का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।  उन्होंने कहा कि पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और संस्थागत शासन को भी समान रूप से सुदृढ़ करना होगा।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि उत्तराधिकार प्रक्रिया सतह पर भले ही सहज प्रतीत होती हो, लेकिन वास्तविक चुनौती उसके ट्रांजिशन फेज में निहित होती है। रवि ममोडिय़ा ने अपनी पुस्तक के माध्यम से स्पष्ट किया कि उत्तराधिकार योजना केवल संपत्ति या व्यवसाय के हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार की विचारधारा, मूल्यों और दीर्घकालिक दृष्टि को व्यवस्थित रूप से अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की एक सतत प्रक्रिया है।


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