जिले की सीमावर्ती कृषि मंडियों में गेहूं खरीद के दौरान बारदाने की भारी कमी और धीमी खरीद प्रक्रिया को लेकर किसानों, व्यापारियों और मजदूरों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। अनूपगढ़, रायसिंहनगर और श्रीविजयनगर की मंडियों में विरोध प्रदर्शन, धरना और बंद जैसी स्थिति देखने को मिली। किसानों और व्यापारियों ने सरकार से तुरंत पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने तथा खरीद सीमा बढ़ाने की मांग की है। श्रीविजयनगर की नई धान मंडी में किसानों और व्यापारियों ने बारदाने की कमी के विरोध में मंडी के गेट बंद कर धरना प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पूर्व विधायक बलवीर सिंह लूथरा भाजपा पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और व्यापार मंडल अध्यक्ष हनीष मिड्ढा, व्यापार संघ अध्यक्ष जितेंद्र झंवर तथा किसान प्रतिनिधियों से वार्ता की। प्रतिनिधियों ने बताया कि इस बार गेहूं का बंपर उत्पादन हुआ है, लेकिन पर्याप्त बारदाना नहीं मिलने से किसानों, व्यापारियों और श्रमिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लूथरा ने किसानों को आश्वस्त किया कि समस्या के समाधान के लिए वे जयपुर से लेकर दिल्ली तक प्रयास करेंगे। उनकी अपील के बाद मंडी के गेट खोल दिए गए। उधर रायसिंहनगर खरीद केंद्र पर भी धीमी प्रक्रिया किसानों की चिंता का कारण बनी हुई है। अखिल भारतीय किसान सभा और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर खरीद सीमा बढ़ाने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि खरीद केंद्र पर करीब 4800 किसानों का पंजीकरण हो चुका है, लेकिन अब तक केवल लगभग 2000 किसानों की उपज की तुलाई हो पाई है। वहीं अनूपगढ़ की नई धान मंडी में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की सीमा बढ़ाने, टारगेट बढ़ाने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर सभी गेट बंद रखकर कामकाज पूरी तरह ठप रखा गया। किसान, मजदूर और व्यापारियों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 19 मई को नेशनल हाईवे जाम किया जाएगा। व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील गोदारा ने बताया कि मंडी में वर्तमान में लगभग 6 लाख अतिरिक्त बारदाने की आवश्यकता है और पिछले करीब 20 दिनों से लगातार प्रशासन एवं सरकार से मांग की जा रही है।