देश की तीसरी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी श्री सीमेंट लिमिटेड ने मार्च 2026 क्वार्टर व फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के वित्तीय परिणाम जारी किए हैं। मार्च 2026 क्वार्टर व फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी की रेवेन्यू रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई है। मार्च 2026 क्वार्टर में कंपनी की रेवेन्यू 10.28 फीसदी ग्रोथ के साथ 6101 करोड़ रुपए दर्ज की गई, जो पिछली समान अवधि में 5532 करोड़ रुपए थी। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 575 करोड़ रुपए के मुकाबले घटकर 528 करोड़ रुपए रह गया। श्वक्चढ्ढञ्जष्ठ्र यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट 1429 करोड़ रुपए से घटकर 1384 करोड़ रुपए पर आ गया, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन भी 26 फीसदी से घटकर 23 फीसदी रह गया। मार्च-2026 क्वार्टर में कंपनी ने 3.65 रूञ्जक्क्र की क्लिंक कैपेसिटी और 3.50 रूञ्जक्क्र की सीमेंट कैपेसिटी को जोड़ा है। अब श्री सीमेंट की कुल इंस्टॉल्ड सीमेंट प्रोडक्शन कैपेसिटी 69.3 रूञ्जक्क्र पर पहुंच गई है। मेघालय में कंपनी 0.95 रूञ्जक्क्र की क्लिंकर कैपेसिटी और 0.99 रूञ्जक्क्र की सीमेंट कैपेसिटी जोडऩे जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी की रेवेन्यू 8.60 फीसदी बढक़र 20943 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछली समान अवधि में 19283 करोड़ रुपए थी। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 55.60 फीसदी बढक़र 1124 करोड़ रुपए के मुकाबले 1749 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 3934 करोड़ रुपए के मुकाबले बढक़र 4638 करोड़ रुपए हो गया, जबकि कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 20 फीसदी से बढक़र 22 फीसदी हो गया। शेयर होल्डर्स के लिए हर शेयर पर 70 रुपए के डिविडेंड की घोषणा की गई है। इससे पहले कंपनी द्वारा 80 रुपए का अंतरिम डिविडेंड जारी किया गया था। कंपनी ने कहा कि टोटल ट्रेड वॉल्यूम में प्रीमियम प्रोडक्ट का शेयर 22 फीसदी रहा जो एक साल पहले 16 फीसदी था। कंपनी ने कहा कि क्ररूष्ट यानी रेडी मिक्स कंक्रीट का एक्सपेंशन तेजी से हो रहा है। फाइनेंशियल ईयर 26 के आधार पर क्ररूष्ट के कुल 26 ऑपरेशनल प्लांट हैं। मार्च के महीने में 10 नए प्लांट का उद्घाटन किया गया और कमिशनिंग होने पर यह संख्या 36 पर पहुंच जाएगी। कंपनी का शेयर गुरुवार को बीएसई पर 25600 रुपए के लेवल पर बंद हुआ। श्री सीमेंट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज अखौरी के अनुसार मार्केट एक्सपेंशन का फायदा मिला और मार्च 2026 क्वार्टर का वॉल्यूम ग्रोथ 11' रहा। क्वार्टर बेसिस पर नेट प्रॉफिट व ऑपरेटिंग प्रॉफिट में जो सुधार आया है वह ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बताता है। डोमेस्टिक डिमांड स्थिर है और सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित ग्रोथ पर फोकस है। रोड, हाइवे, अर्बन इंफ्रा प्रोजेक्ट्स सीमेंट डिमांड को ड्राइव करेंगे। मीडियम टर्म के लिए डिमांड ग्रोथ हेल्दी नजर आ रही है। हालांकि, जियो पॉलिटिकल इवेंट्स और मानसून को लेकर खतरा बना हुआ है।