रीको द्वारा राज्य के इंडस्ट्रीयल क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य के कई रीको इंडस्ट्रीयल क्षेत्र स्टेट हाइवेज से जुड़े हुए हैं, जहां इंडस्ट्री के रॉ मेटेरियल और तैयार प्रॉडक्ट के सुगम लॉजिस्टक के लिए सडक़ों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण आवश्यक है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए रीको एवं पीडब्ल्यूडी द्वारा 38 सडक़ों का विकास कोस्ट शेयरिंग मॉडल पर किया जायेगा। इसके अंतर्गत कुल व्यय का 50' भाग रीको द्वारा वहन किया जायेगा। रीको के 36 इंडस्ट्रीयल क्षेत्रों की एप्रोच सडक़ों की पहचान की गई है, जो सार्वजनिक निर्माण विभाग से संबंधित हैं। इन सडक़ों की कुल लंबाई लगभग 205 किलोमीटर है, जिनके सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण पर लगभग 290 करोड़ रुपये का व्यय होगा। ये सडक़ें आबूरोड, अजमेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, चूरू, दौसा, जयपुर, जालौर, झालावाड़, कोटा, नीमराना, सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर और उदयपुर के इंडस्ट्रीयल क्षेत्रों को लाभान्वित करेंगी। इन सडक़ों के निर्माण, चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से किया जायेगा, जिसमें रीको और पीडब्ल्यूडी की 50-50 प्रतिशत वित्तीय साझेदारी होगी। इससे पूर्व भी रीको ने भिवाड़ी क्षेत्र के इंडस्ट्रीयल क्षेत्रों को लाभ पहुंचाने हेतु खिजुरीवास टोल प्लाजा से टपूकड़ा तक स्टेट हाईवे संख्या-25 के चौड़ीकरण एवं नाले के निर्माण कार्य के लिए करीब 74 करोड़ रुपये की परियोजना लागत में से 50 प्रतिशत लगभग 37 करोड़ रुपये वहन करने की स्वीकृति दी है। रीको राज्य में इंडस्ट्रीयल विकास को गति देने एवं उद्यमियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्ध है। इंडस्ट्रीयल क्षेत्रों में उद्यम संचालन को सुगम बनाने के लिए रीको लगातार विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है।