राजस्थान देश में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में तीसरा सबसे बड़ा राज्य बनकर उभरा है। राज्य में रिन्यूएबल एनर्जी को अपनाने की रफ्तार तेज हो गई है और प्रतिदिन करीब 700 नए कस्टमर सोलर एनर्जी की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। राज्य ऊर्जा विभाग के अनुसार, राजस्थान में अब तक घरेलू, गैर-घरेलू और औद्योगिक श्रेणियों में कुल 2,45,317 रूफटॉप सोलर यूनिट्स इंस्टॉल किए जा चुके हैं, जिससे कुल कैपेसिटी लगभग 2,090 मेगावाट तक पहुंच गई है। सोलर एनर्जी की बढ़ती अपनाने से 1,43,965 ग्राहकों का बिजली बिल शून्य हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक, गुजरात 6,882 मेगावाट क्षमता के साथ देश में पहले स्थान पर है, इसके बाद महाराष्ट्र 5,442 मेगावाट के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि राजस्थान तीसरे स्थान पर है। साल 2024 में लॉन्च की गई पीएम सूर्यघर योजना के तहत पिछले दो वर्षों में राज्य में 1,77,468 रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए हैं, जिनकी कुल कैपेसिटी 686 मेगावाट है। एक अधिकारी ने बताया, रिस्पॉन्स काफी उत्साहजनक रहा है। प्रतिदिन करीब 675 से 700 ग्राहक सोलर एनर्जी अपना रहे हैं। मार्च महीने में अकेले 20,343 रूफटॉप सोलर यूनिट्स इंस्टॉल किए गए, जो राज्य में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है। 23 मार्च को एक दिन में सबसे ज्यादा 910 इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए। अधिकारी ने बताया कि फरवरी 2024 में योजना लॉन्च होने के बाद से इंस्टॉलेशन की रफ्तार लगातार बढ़ रही है और हर छह महीने में सोलर अपनाने वाले ग्राहकों की संख्या दो से ढाई गुना तक बढ़ रही है। पहले छह महीनों में केवल 7,694 ग्राहकों ने रूफटॉप सोलर लगाया था, जबकि इस साल के पहले तीन महीनों में ही यह संख्या बढक़र 58,153 इंस्टॉलेशन तक पहुंच गई। राज्य सरकार को उम्मीद है कि चालू वर्ष की पहली छमाही में इंस्टॉलेशन की संख्या एक लाख को पार कर जाएगी। अब तक 1,52,350 ग्राहकों के बैंक खातों में कुल 1,185 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इसके अलावा, राज्य की 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत 13,000 से अधिक ग्राहकों को अतिरिक्त 17,000 रुपये की सब्सिडी भी मिल चुकी है। इन्सोलेशन एनर्जी लिमिटेड (आईएनए) के चेयरमैन मनीष गुप्ता व एमडी विकास जैन के अनुसार राजस्थान में सोलर एनर्जी के प्रति लोगों का रूझान तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र व राज्य सरकार भी सोलर एनर्जी को प्रोत्साहन दे रही है।