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08-04-2026

टोल प्लाजा पर अब कैश में नहीं होगा पेमेंट, यूपीआई से देना होगा अधिक शुल्क

  •  केंद्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर 10 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान नहीं होगा। मंत्रालय ने राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना में कहा है कि यदि कोई वाहन वैध फास्टैग के बिना टोल प्लाजा में प्रवेश करता है, तो उपयोगकर्ता एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। लेकिन उन्हें लागू टोल शुल्क का 1.25 गुना भुगतान करना होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य टोल प्लाजा पर लंबी कतारों को कम करना और यात्रियों के लिए राजमार्ग यात्रा को सुगम बनाना है। अधिकारी ने कहा कि 10 अप्रैल से टोल बूथ पर नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा और फास्टैग टोल वसूली का प्राथमिक माध्यम बना रहेगा। वैध फास्टैग के बिना आने वाले वाहनों के लिए यूपीआई वैकल्पिक भुगतान विकल्प के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई वाहन चालक बिना फास्टैग या वैध फास्टैग के शुल्क प्लाजा में प्रवेश करता है और यूपीआई के माध्यम से शुल्क का भुगतान करने का विकल्प चुनता है, तो उसे नियम चार के उप-नियम (दो) के प्रावधानों के अनुसार उस श्रेणी के वाहन पर लागू शुल्क का 1.25 गुना भुगतान करना होगा।’’ अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘...यदि वाहन मालिक या चालक इस नियम के तहत निर्दिष्ट तरीके से शुल्क का भुगतान करने का विकल्प नहीं चुनता है, तो ऐसे वाहन के साथ नियम 14 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, उल्लेखनीय है कि एनएचएआई ने हाल ही में अपने फास्टैग वार्षिक पास के 50 लाख ग्राहकों का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपयोगकर्ताओं को सालाना 3,000 रुपये में 200 टोल से गुजरने की अनुमति देता है। 15 अगस्त को पेश किये जाने के बाद से, इन पास के माध्यम से कुल 26.55 करोड़ लेनदेन किए गए हैं। देश भर में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर 1,150 से अधिक शुल्क प्लाजा हैं।

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टोल प्लाजा पर अब कैश में नहीं होगा पेमेंट, यूपीआई से देना होगा अधिक शुल्क

 केंद्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर 10 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान नहीं होगा। मंत्रालय ने राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना में कहा है कि यदि कोई वाहन वैध फास्टैग के बिना टोल प्लाजा में प्रवेश करता है, तो उपयोगकर्ता एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। लेकिन उन्हें लागू टोल शुल्क का 1.25 गुना भुगतान करना होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य टोल प्लाजा पर लंबी कतारों को कम करना और यात्रियों के लिए राजमार्ग यात्रा को सुगम बनाना है। अधिकारी ने कहा कि 10 अप्रैल से टोल बूथ पर नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा और फास्टैग टोल वसूली का प्राथमिक माध्यम बना रहेगा। वैध फास्टैग के बिना आने वाले वाहनों के लिए यूपीआई वैकल्पिक भुगतान विकल्प के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई वाहन चालक बिना फास्टैग या वैध फास्टैग के शुल्क प्लाजा में प्रवेश करता है और यूपीआई के माध्यम से शुल्क का भुगतान करने का विकल्प चुनता है, तो उसे नियम चार के उप-नियम (दो) के प्रावधानों के अनुसार उस श्रेणी के वाहन पर लागू शुल्क का 1.25 गुना भुगतान करना होगा।’’ अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘...यदि वाहन मालिक या चालक इस नियम के तहत निर्दिष्ट तरीके से शुल्क का भुगतान करने का विकल्प नहीं चुनता है, तो ऐसे वाहन के साथ नियम 14 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, उल्लेखनीय है कि एनएचएआई ने हाल ही में अपने फास्टैग वार्षिक पास के 50 लाख ग्राहकों का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपयोगकर्ताओं को सालाना 3,000 रुपये में 200 टोल से गुजरने की अनुमति देता है। 15 अगस्त को पेश किये जाने के बाद से, इन पास के माध्यम से कुल 26.55 करोड़ लेनदेन किए गए हैं। देश भर में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर 1,150 से अधिक शुल्क प्लाजा हैं।


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