अमेरिका की शुल्क नीतियों और पश्चिम एशिया के संघर्ष के बीच वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इंदौर के विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) का एक्सपोर्ट करीब 10.50 प्रतिशत के इजाफे के साथ 14,302 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने दावा किया कि आयातकों के पुराने ऑर्डर के कारण मार्च के दौरान पश्चिम एशिया के संघर्ष का इंदौर एसईजेड के एक्सपोर्ट पर खास असर नहीं देखा गया। उन्होंने बताया कि इंदौर एसईजेड से होने वाले एक्सपोर्ट में करीब 70 प्रतिशत हिस्सेदारी दवाओं की रहती है और अमेरिका इन दवाओं के शीर्ष आयातकों में शुमार है। अधिकारी के मुताबिक, अलग-अलग उत्पादों के कारखानों वाले एसईजेड से वित्त वर्ष 2024-25 में 12,948 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट किया गया था। अधिकारी ने बताया कि यह विशेष आर्थिक क्षेत्र इंदौर से करीब 30 किलोमीटर दूर पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में 572 हेक्टेयर में फैला है। उन्होंने बताया कि एसईजेड में दवा, पैकेजिंग सामग्री, इंजीनियरिंग, वस्त्र निर्माण और खाद्य प्रसंस्करण समेत अलग-अलग क्षेत्रों के 59 संयंत्र चल रहे हैं जिनमें से 22 इकाइयां अकेले दवा क्षेत्र की हैं। पश्चिम एशिया का संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था। इस संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा बाजार ठप हो गया और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट बाधित हुआ।